पाकिस्तान: इमरान खान की पार्टी PTI के 47 नेताओं को 10 साल की सजा, हिंसक प्रदर्शनों में दोषी करार
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Pakistan Political Crisis
पीटीआई के 47 नेताओं को 10 साल की जेल की सजा.
9 मई 2023 के हिंसक प्रदर्शनों से जुड़ा मामला.
अदालत ने जुर्माना और संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया.
Pakistan / पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 47 नेताओं और समर्थकों को अदालत ने 10-10 साल की सजा सुनाई है। यह फैसला रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत ने शनिवार को सुनाया। अदालत ने इन सभी को मई 2023 में हुए हिंसक प्रदर्शनों और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के मामले में दोषी ठहराया है।
दरअसल, 9 मई 2023 को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। पीटीआई के कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतर आए थे और कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक रूप ले गए थे। रावलपिंडी में प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह सेना मुख्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था, जिससे हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए थे।
इन प्रदर्शनों के दौरान कई सरकारी इमारतों, वाहनों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था। कुछ स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार सेना के संग्रहालय, हमजा कैंप और एक मेट्रो स्टेशन को भी नुकसान पहुंचाया गया था। इन घटनाओं के बाद पुलिस ने रावलपिंडी के आरए बाजार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया था।
पुलिस की जांच के बाद कई नेताओं और समर्थकों के खिलाफ आरोप तय किए गए। इस मामले की सुनवाई आतंकवाद निरोधक अदालत में चल रही थी। अदालत के जज अमजद अली शाह ने पहले ही इन 47 लोगों को अदालत में पेश न होने के कारण घोषित अपराधी घोषित कर दिया था। बाद में अदालत ने अनुपस्थिति में ही फैसला सुनाते हुए सभी को 10-10 साल की जेल की सजा दे दी।
अदालत ने हर दोषी पर 5 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर जुर्माना अदा नहीं किया गया तो दोषियों को अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी पड़ेगी। इसके साथ ही अदालत ने दोषियों की चल और अचल संपत्ति जब्त करने का आदेश भी दिया है।
सजा पाने वालों में पीटीआई के कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं। इनमें उमर अयूब खान, शिबली फराज, शाहबाज गिल, जुल्फी बुखारी, मुराद सईद, जरताज गुल और हम्माद अजहर जैसे नेता शामिल हैं। अदालत के फैसले में कहा गया कि संयुक्त जांच दल (जेआईटी) की जांच में इन लोगों की भूमिका हिंसक प्रदर्शन की योजना बनाने और उसे बढ़ावा देने में सामने आई थी।
यह पूरा मामला 9 मई 2023 को हुए सेना मुख्यालय पर हमले और उससे जुड़े हिंसक प्रदर्शनों से संबंधित है। इस केस में कुल 118 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोपियों की सूची में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का नाम भी शामिल है।
इमरान खान फिलहाल रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ कई अलग-अलग मामलों में सुनवाई चल रही है। इस फैसले के बाद पाकिस्तान की राजनीति में हलचल तेज होने की संभावना है, क्योंकि पीटीआई पहले से ही सरकार और न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ विरोध जताती रही है। अब यह देखना अहम होगा कि इस फैसले का देश की राजनीति पर आगे क्या असर पड़ता है।