रांची छात्र आंदोलन: सरकार-छात्र वार्ता बेनतीजा, आज विधानसभा घेराव
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Ranchi Student Protest
सरकार और छात्रों के बीच वार्ता से कोई अंतिम सहमति नहीं बनी।
छात्र JSSC-CGL परीक्षा रद्द और CBI जांच की मांग पर अड़े।
विधानसभा के आसपास BNS धारा 163 के तहत सुरक्षा बढ़ाई गई।
Ranchi / झारखंड की राजधानी रांची में छात्र आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। रविवार को राज्य सरकार की विशेष कमेटी और प्रदर्शनकारी छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब 5 घंटे तक तीन दौर में हुई मैराथन वार्ता किसी ठोस सहमति के बिना समाप्त हुई। वार्ता विफल रहने के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने सोमवार, 10 अगस्त को पूर्व घोषित विधानसभा घेराव कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
विधानसभा मार्च को लेकर छात्र संगठनों ने प्रदर्शनकारियों से किसी भी तरह के बहकावे में नहीं आने और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने की अपील की है। छात्रों को सुबह 10 बजे से पहले पुरानी विधानसभा के पास जमा होने के लिए कहा गया था। इसके बाद प्रदर्शनकारी एकजुट होकर नई विधानसभा की ओर पैदल मार्च के लिए आगे बढ़े।
सरकार का दावा, 98 फीसदी मांगों पर बनी सहमति
रविवार को छात्रों के साथ हुई बातचीत में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल हुए। सरकार की ओर से दावा किया गया कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगों को स्वीकार कर लिया गया है।
सरकार के अनुसार, इनमें 14वीं JPSC PT परीक्षा और ACF परीक्षा को रद्द करने, TDPL एजेंसी की ओर से आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने और परीक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञों की मदद लेने की बात भी कही है। हालांकि, छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल कुछ मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा पर गतिरोध
वार्ता का सबसे बड़ा पेच JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और पूरी प्रक्रिया की CBI जांच की मांग पर अटका हुआ है। छात्र प्रतिनिधियों ने इन दोनों मांगों को लेकर अपना रुख स्पष्ट रखा और कहा कि जब तक CBI जांच की मांग स्वीकार नहीं की जाती, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
वहीं, सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि JSSC-CGL परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में आयोजित हुई थी। सरकार का तर्क है कि ऐसी स्थिति में राज्य सरकार के पास परीक्षा को एकतरफा रद्द करने या सीधे CBI जांच का आदेश देने का अधिकार नहीं है।
इसी मुद्दे को लेकर रविवार की लंबी बातचीत के बावजूद अंतिम सहमति नहीं बन सकी और छात्रों ने विधानसभा घेराव के अपने कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया।
विधानसभा के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रस्तावित विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। नई विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में BNS की धारा 163 लागू की गई है। इस प्रतिबंध के दायरे से झारखंड हाईकोर्ट को अलग रखा गया है।
प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने रास्ते में कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की है। पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक करीब छह जगहों पर बैरिकेड लगाए गए हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों के मार्च के दौरान पहली बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में प्रशासन और आंदोलनकारी छात्रों के बीच टकराव की स्थिति को लेकर भी निगाहें बनी हुई हैं।
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद CGL परीक्षा और CBI जांच के मुद्दे पर गतिरोध कायम है। अब छात्रों का विधानसभा मार्च आंदोलन की अगली दिशा तय करने वाला अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। प्रशासन ने जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है, वहीं छात्र अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं।