नैनीताल सड़क हादसा: खाई में गिरा टेंपो ट्रैवलर, 2 की मौत, 20 यात्रियों का रेस्क्यू
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Naini Tal Accident
नैनीताल में टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरा।
हादसे में 2 लोगों की मौत, 20 यात्रियों का रेस्क्यू।
SDRF, NDRF और पुलिस ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया।
Naini Tal / उत्तराखंड के नैनीताल जिले में शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। रामगढ़ से करीब तीन किलोमीटर आगे मुक्तेश्वर की ओर लुक्ताधार के पास एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के समय वाहन में कुल 22 यात्री सवार थे। दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 यात्रियों को SDRF, NDRF और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जिला नियंत्रण कक्ष, नैनीताल से दोपहर 13:35 बजे हादसे की सूचना मिली। सूचना मिलते ही सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में राहत-बचाव दल को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। उप निरीक्षक मनोज रावत के नेतृत्व में SDRF टीम मौके पर पहुंची और NDRF तथा जिला पुलिस के साथ संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
बचाव अभियान के दौरान SDRF जवानों ने आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों की सहायता से दुर्घटनाग्रस्त वाहन तक पहुंच बनाई। टीम ने वाहन में फंसे यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। कुल 20 यात्रियों को सकुशल रेस्क्यू किया गया। वहीं हादसे में जान गंवाने वाले दो लोगों के शवों को भी दुर्घटनाग्रस्त वाहन से बाहर निकालकर जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।
कई यात्री घायल
हादसे में कई यात्री घायल हुए हैं। घायलों में मनीष कुमार (25), नंदिनी (22), तुषार कुमार (21), लक्ष्मी (27), मयंक (17), प्रदीप कुमार (26), रितिका (23), हर्ष वर्मा (26), पायल (22), आनंद (27), अजय (25) और अंजलि (22) शामिल हैं। इसके अलावा 10 माह की बच्ची मिस्टी के घायल होने की भी जानकारी दी गई है।
वाहन चालक यश कुमार (27) भी मामूली रूप से घायल बताया गया है। अन्य घायलों में धर्मेंद्र (24), डॉली (25), अंजलि (23), धीरज (25), अंकित (26) और सोनिया (23) शामिल हैं।
दो लोगों की मौत
हादसे में मृतकों में सुमित पाल सिंह, पुत्र कनक पाल सिंह, उम्र 24 वर्ष, निवासी फरीदाबाद की पहचान हो गई है। वहीं दूसरे मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दूसरे मृतक के शव को भी रेस्क्यू कर बाहर निकालने की कार्रवाई की गई।
फिलहाल हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है। दुर्घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। पहाड़ी मार्ग पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर उत्तराखंड के दुर्गम क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन बचाव व्यवस्था की चुनौती को सामने ला दिया है।