भारतीय सेना के लिए 1,577 करोड़ का रक्षा सौदा, टाटा और निबे से खरीदा जाएगा लोइटर म्यूनिशन सिस्टम
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Loitering Munition System
भारतीय सेना के लिए 1,577 करोड़ रुपये के दो रक्षा अनुबंध।
टाटा और निबे से लोइटर म्यूनिशन सिस्टम खरीदा जाएगा।
‘आत्मनिर्भर भारत’ और घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी।
New Delhi / भारतीय सेना की परिचालन क्षमता और आधुनिकीकरण को मजबूत करने की दिशा में रक्षा मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए लोइटर म्यूनिशन सिस्टम, गोला-बारूद और अन्य आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और निबे प्राइवेट लिमिटेड के साथ दो महत्वपूर्ण अनुबंध किए हैं। इन दोनों अनुबंधों की कुल लागत लगभग 1,577 करोड़ रुपये है।
इन अनुबंधों पर 14 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस खरीद का उद्देश्य भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंटों की क्षमता को बढ़ाना और उसकी समग्र परिचालन प्रभावशीलता को मजबूत करना है।
आर्टिलरी रेजिमेंटों की क्षमता होगी मजबूत
लोइटर म्यूनिशन सिस्टम को भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार प्रणाली के तौर पर शामिल किया जा रहा है। यह प्रणाली सेना की आर्टिलरी रेजिमेंटों की परिचालन क्षमता को बढ़ाने और विभिन्न परिस्थितियों में उनकी प्रभावशीलता मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस प्रणाली की खरीद फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के तहत ‘बाय (इंडियन)’ श्रेणी में की जा रही है। इसका उद्देश्य आधुनिक सैन्य उपकरणों की खरीद को गति देने के साथ-साथ घरेलू रक्षा कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना है।
स्वदेशी रक्षा उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
इस रक्षा सौदे की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें भारतीय रक्षा क्षेत्र की कंपनियां सीधे शामिल हैं। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और निबे प्राइवेट लिमिटेड के साथ किए गए अनुबंधों से देश की घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्रालय का मानना है कि इस तरह की खरीद से भारतीय रक्षा उद्योग को आधुनिक और सक्षम बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही देश की सैन्य जरूरतों के लिए स्वदेशी उत्पादन और तकनीकी क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।
‘आत्मनिर्भर भारत’ को मजबूती
लगभग 1,577 करोड़ रुपये का यह रक्षा सौदा भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घरेलू कंपनियों से आधुनिक सैन्य प्रणालियों और उपकरणों की खरीद से भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमता मजबूत होगी।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने का उद्देश्य न केवल भारतीय सेना की आवश्यकताओं को पूरा करना है, बल्कि देश में आधुनिक रक्षा उपकरणों के निर्माण की क्षमता विकसित करना भी है। इससे घरेलू रक्षा उद्योग को नए अवसर मिल सकते हैं और भविष्य में अत्याधुनिक सैन्य प्रणालियों के निर्माण में भारतीय कंपनियों की भूमिका बढ़ सकती है।
सेना के आधुनिकीकरण की दिशा में अहम कदम
रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए ये दोनों अनुबंध भारतीय सेना के आधुनिकीकरण की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। लोइटर म्यूनिशन सिस्टम, गोला-बारूद और संबंधित उपकरणों की उपलब्धता से सेना की आर्टिलरी रेजिमेंटों की क्षमता और परिचालन प्रभावशीलता को मजबूत करने का लक्ष्य है।
मंत्रालय के अनुसार, फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के तहत ‘बाय (इंडियन)’ श्रेणी में की जा रही यह खरीद परिचालन क्षमता बढ़ाने और घरेलू रक्षा विनिर्माण को प्रोत्साहित करने, दोनों उद्देश्यों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।
कुल मिलाकर, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और निबे प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए 1,577 करोड़ रुपये के अनुबंध भारतीय सेना के आधुनिकीकरण के साथ-साथ देश की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यह सौदा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में भी योगदान देगा।