Atal Innovation Mission: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने Grassroots Innovators से की मुलाकात
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Atal Innovation Mission
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अटल इनोवेशन मिशन के नवाचारकर्ताओं से मुलाकात की।
जमीनी स्तर के नवाचारों को विकसित भारत और आत्मनिर्भरता की आधारशिला बताया।
नवाचारकर्ताओं से अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत के साथ सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
Delhi / राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अटल इनोवेशन मिशन (AIM) के जमीनी स्तर के नवाचारकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नवाचारकर्ताओं द्वारा तैयार की गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया, उनके अभिनव मॉडलों को देखा और उनसे विस्तार से बातचीत की। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के पास अपनी विविधता, स्थानीय ज्ञान और नवाचार की भावना के बल पर जमीनी स्तर के नवाचार में विश्व की अग्रणी शक्ति बनने की क्षमता है।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जमीनी स्तर पर विकसित होने वाले नवाचार स्थानीय जरूरतों को सबसे बेहतर तरीके से समझते और उनका समाधान प्रस्तुत करते हैं। इनमें स्थानीय अनुभव, वैज्ञानिक सोच, व्यक्तिगत रचनात्मकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनूठा समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि देशभर के नवाचारकर्ता ऐसी समस्याओं का समाधान खोज रहे हैं, जिनका प्रभाव केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका महत्व राष्ट्रीय स्तर पर भी है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि कई नवाचार अपशिष्ट पदार्थों से आय सृजन, ऊर्जा संरक्षण, महिलाओं और दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाने, पर्यावरण संरक्षण, कृषि विकास और पारंपरिक कला के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सकारात्मक योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रपति ने इस बात पर भी बल दिया कि केवल नए विचार पर्याप्त नहीं होते, बल्कि उन्हें आगे बढ़ाने के लिए उपयुक्त वातावरण, मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता और संसाधनों की आवश्यकता होती है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर्स जमीनी स्तर के नवाचारकर्ताओं को आवश्यक सहयोग उपलब्ध करा रहे हैं और उनके विचारों को टिकाऊ उद्यमों में बदलने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' का सपना तभी साकार होगा जब देश का प्रत्येक नागरिक समस्याओं का समाधान खोजने के लिए नई सोच और नवाचार की भावना के साथ कार्य करेगा। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि देश की विभिन्न संस्थाएं, शोध संगठन, उद्योग जगत और नागरिक मिलकर नवाचार की संस्कृति को और मजबूत बना रहे हैं, जिसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा।
अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति ने उन नवाचारकर्ताओं की विशेष सराहना की जिन्होंने सीमित संसाधनों, आर्थिक चुनौतियों और अनिश्चित परिस्थितियों के बावजूद अपने प्रयास जारी रखे। उन्होंने उन्हें अपने नवाचारों में लगातार सुधार करने, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत के साथ सहयोग बढ़ाने तथा अपने नवाचारों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे नवाचार न केवल लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे, बल्कि भारत को वैश्विक नवाचार नेतृत्व की दिशा में भी मजबूत बनाएंगे।