DDU-GKY Success: स्वतंत्रता दिवस 2026 पर लाल किले के समारोह में शामिल होंगे 6 ग्रामीण युवा

Mon 03-Aug-2026,12:32 PM IST +05:30

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DDU-GKY Success: स्वतंत्रता दिवस 2026 पर लाल किले के समारोह में शामिल होंगे 6 ग्रामीण युवा DDU-GKY Success
  • DDU-GKY के छह ग्रामीण युवाओं को स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि बनाया गया।

  • चयनित युवा लाल किला और राष्ट्रपति भवन के कार्यक्रम में होंगे शामिल।

  • कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में DDU-GKY की सफलता को मिली राष्ट्रीय पहचान।

Delhi / Delhi :

New Delhi / ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) के छह लाभार्थियों को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह सम्मान न केवल इन युवाओं की व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण भारत में कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान भी है।

चयनित लाभार्थी पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, मिजोरम और नागालैंड का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन सभी युवाओं को भारतीय डाक के माध्यम से आधिकारिक आमंत्रण-पत्र भेजे जा चुके हैं। उन्हें 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के साथ-साथ राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित 'एट होम' समारोह में भी भाग लेने का अवसर मिलेगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी प्राप्त हो रही है। इन युवाओं की उपस्थिति देशभर के लाखों ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह संदेश देगी कि मेहनत, प्रशिक्षण और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY), ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत संचालित दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का प्रमुख प्लेसमेंट-लिंक्ड कौशल विकास कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र और सम्मानजनक एवं स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है।

योजना के माध्यम से अब तक देशभर के लाखों ग्रामीण युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा गया है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। यह योजना इस बात को भी सिद्ध करती है कि कौशल विकास केवल नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मानजनक करियर और स्थायी आजीविका की मजबूत नींव है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि छह लाभार्थियों का राष्ट्रीय समारोहों में विशेष अतिथि के रूप में चयन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों (SRLMs), परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (PIAs) और मंत्रालय के समन्वित प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। यह उपलब्धि देशभर के करोड़ों ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा है और इस विश्वास को मजबूत करती है कि कौशल विकास से अवसरों का निर्माण होता है, आत्मनिर्भरता बढ़ती है और सशक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बनते हैं।