Kabindra Purkayastha Death | नेता कबिंद्र पुरकायस्थ का निधन, राजनीतिक जगत में शोक की लहर

Wed 07-Jan-2026,11:28 PM IST +05:30

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Kabindra Purkayastha Death | नेता कबिंद्र पुरकायस्थ का निधन, राजनीतिक जगत में शोक की लहर Kabindra-Purkayastha-Death
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री कबिंद्र पुरकायस्थ का निधन.

  • पूर्वोत्तर भारत में संगठन और विकास के प्रमुख स्तंभ.

  • राजनीतिक जगत में शोक, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि.

Assam / Guwahati :

Assam / पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्वोत्तर भारत में संगठनात्मक आंदोलन के अग्रदूत रहे वरिष्ठ नेता श्री कबिंद्र पुरकायस्थ का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से असम सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र और राष्ट्रीय राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। वे एक ऐसे जननेता के रूप में पहचाने जाते थे, जिन्होंने जीवन भर संगठन को मजबूत करने, जनसेवा और क्षेत्रीय विकास के लिए निरंतर कार्य किया। उनके जाने से राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक क्षेत्र में एक अपूरणीय क्षति हुई है।

कबिंद्र पुरकायस्थ का राजनीतिक जीवन दशकों तक फैला रहा। वे न केवल एक कुशल संगठनकर्ता थे, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने और उन्हें वैचारिक रूप से मजबूत करने में भी उनकी विशेष भूमिका रही। पूर्वोत्तर भारत जैसे भौगोलिक और सामाजिक दृष्टि से विविध क्षेत्र में संगठन को सुदृढ़ करना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे उन्होंने अपने धैर्य, दूरदर्शिता और अथक परिश्रम से संभव बनाया। असम समेत पूरे पूर्वोत्तर में पार्टी की मजबूत नींव रखने में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय विकास, आधारभूत ढांचे के विस्तार और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया। उनका मानना था कि पूर्वोत्तर भारत की प्रगति तभी संभव है जब वहां के लोगों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ा जाए और उनकी विशिष्ट पहचान का सम्मान किया जाए। इसी सोच के साथ उन्होंने कई नीतिगत पहलों और विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।

कबिंद्र पुरकायस्थ एक ऐसे नेता थे, जिनकी पहचान सादगी, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा से जुड़ी थी। वे सत्ता और पद से अधिक संगठन और विचारधारा को महत्व देते थे। कार्यकर्ताओं के बीच वे मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत के रूप में जाने जाते थे। युवा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने और उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करने में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।

उनके निधन पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, सांसदों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें एक दूरदर्शी नेता, कुशल संगठनकर्ता और सच्चे राष्ट्रसेवक के रूप में याद किया। शोक संदेशों में इस बात पर जोर दिया गया कि उनका जीवन सार्वजनिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित रहा।

असम के विकास को लेकर उनकी स्पष्ट दृष्टि थी। वे मानते थे कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से ही राज्य को समृद्ध बनाया जा सकता है। इस दिशा में उन्होंने नीतिगत स्तर पर आवाज उठाई और जमीनी स्तर पर कार्यों को गति देने का प्रयास किया। उनका सपना एक विकसित, शांतिपूर्ण और आत्मनिर्भर असम का था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

कबिंद्र पुरकायस्थ का जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि एक युग का अंत है। उनकी राजनीतिक विरासत, संगठनात्मक क्षमता और जनसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी। उनके विचार, संघर्ष और योगदान इतिहास के पन्नों में हमेशा दर्ज रहेंगे।

इस दुखद अवसर पर उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है। पूरा देश इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति दें।