चमोली में निर्माणाधीन सुरंग धंसी, 18 मजदूर सुरक्षित निकाले गए; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
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Chamoli Tunnel Collapse
चमोली में निर्माणाधीन सुरंग धंसने से बड़ा हादसा।
18 मजदूर सुरक्षित निकाले गए, रेस्क्यू अभियान जारी।
NDRF और SDRF की टीमें मौके पर जुटीं।
Chamoli / उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में गुरुवार को THDC जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग धंसने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के समय सुरंग के भीतर करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक मलबा और पानी आने के बाद सुरंग का एक हिस्सा धंस गया, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। प्रशासन की ओर से तेजी से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। अब तक 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है।
3-4 मजदूर गंभीर रूप से घायल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे की जानकारी लेते हुए बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि हादसे में 3 से 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर भेजा जाएगा। अन्य घायलों का इलाज गोपेश्वर में किया जा रहा है।
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने भी बताया कि 18 लोगों को सुरंग से बाहर निकाला जा चुका है और शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।
NDRF और SDRF की टीमें मौके पर
मुख्यमंत्री धामी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ राहत और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं और स्थिति की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सुरंग में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए मौके पर सभी आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं। उन्होंने राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश भी दिए हैं।
हाल में बारिश से भी प्रभावित हुआ था चमोली
चमोली जिले में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। सोमवार को हुई भारी बारिश के बाद तमक नाला उफान पर आ गया था। तेज बहाव के कारण सीमा सड़क संगठन द्वारा हाल ही में बनाया गया लोहे का पुल पूरी तरह बह गया था।
इस बाढ़ से क्षेत्र में दूसरी बार आई आपदा के कारण किसानों की सेब की फसल को भी नुकसान पहुंचा था। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान छोटी नदियों और नालों में अचानक पानी बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए खतरा पैदा हो जाता है।
तमक क्षेत्र में बनाया गया लोहे का पुल स्थानीय आवागमन के साथ-साथ सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया गया था। लेकिन तेज बहाव के कारण पुल का ढांचा पानी में बह गया।
अब निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे के बाद प्रशासन और बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान अंदर फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालने पर है। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। बचाव अभियान जारी है और सभी की नजर इस बात पर है कि सुरंग में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।