ई-20 पेट्रोल के विरोध में अरविंद केजरीवाल का पीएम आवास मार्च, 2.33 लाख हस्ताक्षरों की याचिका

Tue 04-Aug-2026,12:31 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

ई-20 पेट्रोल के विरोध में अरविंद केजरीवाल का पीएम आवास मार्च, 2.33 लाख हस्ताक्षरों की याचिका E20 Controversy
  • ई-20 पेट्रोल के विरोध में अरविंद केजरीवाल का पीएम आवास मार्च।

  • 2.33 लाख हस्ताक्षरों वाली याचिका प्रधानमंत्री को सौंपने की तैयारी।

  • दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बीच राजनीतिक विवाद तेज।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को ई-20 पेट्रोल के विरोध में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करने का एलान किया। पार्टी के अनुसार, केजरीवाल दोपहर 12 बजे पार्टी मुख्यालय से लगभग 100 समर्थकों के साथ रवाना हुए। उनका कहना है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2.33 लाख लोगों के हस्ताक्षरों वाली याचिका सौंपकर ई-20 पेट्रोल नीति पर पुनर्विचार करने का आग्रह करेंगे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी है।

मार्च से पहले सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से लोगों की गाड़ियों की माइलेज कम हो रही है और कई वाहनों में तकनीकी खराबियां आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बिना पर्याप्त वैज्ञानिक और व्यावहारिक आधार बताए इस नीति को लागू कर रही है, जिससे आम वाहन मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि मार्च में शामिल 100 लोगों की गाड़ियां ई-20 के कारण प्रभावित हुई हैं।

केजरीवाल ने कहा, "आज हम दो लाख से ज्यादा लोगों की याचिका लेकर प्रधानमंत्री आवास जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री जनता की आवाज सुनेंगे और इस फैसले पर पुनर्विचार करेंगे।"

उन्होंने यह भी बताया कि ई-20 के विरोध में आयोजित टाउनहॉल कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। उनके अनुसार, कार्यक्रम को लाखों लोगों ने ऑनलाइन भी देखा। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जो लोग ई-20 के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें ट्रोल किया जाता है और कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज कर डराने का प्रयास भी किया जाता है।

इस बीच, दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि आम आदमी पार्टी ने मार्च के लिए औपचारिक अनुमति नहीं मांगी थी। साथ ही संसद सत्र के चलते नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 पहले से लागू है, जिसके कारण सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों पर प्रतिबंध संबंधी नियम प्रभावी हैं।

ई-20 पेट्रोल को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक रूप लेता दिखाई दे रहा है। एक ओर आम आदमी पार्टी सरकार की नीति का विरोध कर रही है, वहीं प्रशासन कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शन पर सख्ती बरत रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि यह मुद्दा आगे किस दिशा में बढ़ता है।