PM MODI करेंगे पिपरहवा बुद्ध अवशेषों की ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन
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एक सदी बाद स्वदेश लौटे भगवान बुद्ध से जुड़े अवशेष, भारत की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और पुरातात्विक पहचान को सशक्त करते हैं।
इमर्सिव तकनीक और थीम आधारित प्रस्तुति के माध्यम से प्रदर्शनी बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं को आधुनिक दृष्टि से समझाती है।
Delhi/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 3 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 11 बजे नई दिल्ली स्थित राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इस ऐतिहासिक प्रदर्शनी का शीर्षक “द लाइट एंड द लोटस: रेलिक्स ऑफ द अवेकेंड वन” रखा गया है।
यह प्रदर्शनी विशेष रूप से महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि यह पहली बार उन पिपरहवा अवशेषों को एक साथ प्रस्तुत कर रही है, जिन्हें एक सदी से भी अधिक समय बाद स्वदेश वापस लाया गया है। साथ ही, राष्ट्रीय संग्रहालय नई दिल्ली और भारतीय संग्रहालय कोलकाता में संरक्षित प्रामाणिक पुरातात्विक सामग्रियाँ भी प्रदर्शित की जा रही हैं।
1898 में खोजे गए पिपरहवा अवशेष प्रारंभिक बौद्ध इतिहास के सबसे प्राचीन और प्रमाणिक साक्ष्यों में गिने जाते हैं। पुरातात्विक अनुसंधानों के अनुसार, पिपरहवा स्थल का संबंध प्राचीन कपिलवस्तु से है, जहाँ भगवान बुद्ध ने संन्यास से पूर्व अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बिताए।
प्रदर्शनी को विषयगत रूप से सजाया गया है, जिसमें सांची स्तूप से प्रेरित एक केंद्रीय मॉडल, बुद्ध के जीवन से जुड़ी झलकियाँ, बौद्ध कला का वैश्विक विस्तार और सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी जैसे खंड शामिल हैं।
आधुनिक तकनीक से सुसज्जित इस प्रदर्शनी में इमर्सिव फिल्में, डिजिटल रिकंस्ट्रक्शन और मल्टीमीडिया प्रस्तुतियाँ भी शामिल हैं, जो आम जनमानस को भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और भारत की आध्यात्मिक विरासत से गहराई से जोड़ती हैं।