International Tiger Day 2026: पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, कहा- दुनिया के 70% बाघ भारत में हैं
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International Tiger Day 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर देशवासियों और वन्यजीव प्रेमियों को शुभकामनाएं दीं।
भारत में वैश्विक बाघों की लगभग 70% आबादी निवास करती है।
विज्ञान आधारित संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और सतत विकास पर सरकार ने दोहराया जोर।
New Delhi / अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया के सभी वन्यजीव प्रेमियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह गर्व का विषय है कि दुनिया के लगभग 70 प्रतिशत बाघों की आबादी हमारे देश में निवास करती है। प्रधानमंत्री ने इसे भारत की समृद्ध जैव विविधता, प्रभावी संरक्षण नीतियों और प्रकृति के प्रति भारतीय समाज की गहरी आस्था का परिणाम बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में बाघ संरक्षण के प्रयास केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की हमारी सदियों पुरानी संस्कृति और समाज की सामूहिक इच्छाशक्ति से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि भारत विज्ञान आधारित संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और सतत विकास के सिद्धांतों पर आगे बढ़ते हुए बाघ संरक्षण को और अधिक मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर उन वन कर्मियों, वैज्ञानिकों और संरक्षणवादियों के योगदान की भी सराहना की, जिन्होंने वर्षों से बाघों और उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है। उन्होंने कहा कि इन सभी के अथक प्रयासों ने भारत को वैश्विक स्तर पर बाघ संरक्षण का एक सफल उदाहरण बनाया है।
श्री मोदी ने यह भी दोहराया कि भारत स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उनका मानना है कि वन्यजीव संरक्षण तभी सफल हो सकता है, जब स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो और विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखा जाए।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर अपने संदेश में लिखा कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर सभी वन्यजीव प्रेमियों को हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि भारत को इस बात पर गर्व है कि वैश्विक बाघों की लगभग 70 प्रतिशत आबादी हमारे देश में रहती है। उन्होंने कहा कि भारत की संरक्षण नीति प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की सांस्कृतिक परंपरा, विज्ञान आधारित रणनीतियों, सामुदायिक सहयोग और सतत विकास की भावना पर आधारित है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश का समापन करते हुए कहा कि भारत भविष्य में भी बाघ संरक्षण, वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करता रहेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से भी प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।