Freedom Fighter Subramania Siva: पुण्यतिथि पर VP C.P. Radhakrishnan का श्रद्धांजलि संदेश
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Subramania Siva Death Anniversary
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने थिरु सुब्रमण्यम शिवा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
सुब्रमण्यम शिवा ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए जीवनभर स्वतंत्रता आंदोलन को समर्पित किया।
उपराष्ट्रपति ने उनके त्याग, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
Delhi / उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज उपराष्ट्रपति भवन में महान स्वतंत्रता सेनानी थिरु सुब्रमण्यम शिवा की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुब्रमण्यम शिवा का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग और अदम्य साहस का अद्वितीय उदाहरण है, जो आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि तमिलनाडु के दक्षिणी भाग में स्थित छोटे से कस्बे वटलागुंडु से आने वाले थिरु सुब्रमण्यम शिवा ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को 'वंदे मातरम्' के जोशीले उद्घोष के साथ आजादी की लड़ाई में शामिल होने और राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई के साथ मिलकर सुब्रमण्यम शिवा ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया। उनकी राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका के कारण अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें जेल में डाल दिया। लेकिन कठोर कारावास और अत्याचार भी उनके मजबूत इरादों को कमजोर नहीं कर सके।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि जेल में रहने के दौरान सुब्रमण्यम शिवा कुष्ठ रोग से पीड़ित हो गए थे। गंभीर बीमारी से जूझने के बावजूद उन्होंने कभी अपने संकल्प को कमजोर नहीं पड़ने दिया और जीवन के अंतिम क्षण तक भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते रहे। उनका पूरा जीवन मातृभूमि की सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा।
सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि सुब्रमण्यम शिवा भारत माता को अपना ईश्वर मानते थे और उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश की आजादी के लिए समर्पित कर दिया। उनका त्याग, बलिदान और देशप्रेम आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
उपराष्ट्रपति ने देशवासियों से महान स्वतंत्रता सेनानी के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सुब्रमण्यम शिवा जैसे अमर सेनानियों के बलिदान के कारण ही भारत आज स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में विश्व में अपनी मजबूत पहचान बना पाया है।
अपनी श्रद्धांजलि के अंत में उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनकी पुण्यतिथि पर पूरा देश इस महान देशभक्त को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है और उनके अद्वितीय योगदान को सदैव कृतज्ञता के साथ याद करता रहेगा।