IPhO 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को दी शुभकामनाएं
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IPho 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने IPhO 2026 के स्वर्ण पदक विजेता भारतीय छात्रों को बधाई दी।
छात्रों की सफलता को युवा शक्ति और वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रतीक बताया।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय छात्रों के लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।
Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलंबिया के बुकारामंगा में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (IPhO) 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय दल को बधाई दी है। भारतीय टीम के सभी पांच छात्रों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री ने इसे भारत की युवा प्रतिभा, वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान के प्रति बढ़ते उत्साह का प्रतीक बताया।
स्वर्ण पदक जीतने वाले छात्रों में कनिष्क जैन, रिद्धेश अनंत बेंडाले, ऋषित गर्ग, श्रेष्ठ सुरैया और स्वरित जोशी शामिल हैं। इन सभी छात्रों ने दुनिया भर से आए प्रतिभागियों के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत को गौरवान्वित किया। उनकी सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय छात्र विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी शुभकामनाएं साझा करते हुए लिखा कि देश के युवाओं ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की युवा शक्ति की असीमित क्षमता और विज्ञान एवं अनुसंधान के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन छात्रों की सफलता आने वाली पीढ़ियों को भी विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
उन्होंने इस बात पर भी विशेष खुशी व्यक्त की कि पिछले एक दशक से भारतीय छात्र अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड के विभिन्न संस्करणों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते आ रहे हैं। यह सिलसिला देश की मजबूत वैज्ञानिक शिक्षा व्यवस्था, समर्पित शिक्षकों और प्रतिभाशाली छात्रों की मेहनत को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय छात्रों की सफलता न केवल देश की शैक्षणिक क्षमता को प्रदर्शित करती है, बल्कि वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में भारत की बढ़ती भूमिका को भी मजबूत करती है।
आईपीएचओ दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित विज्ञान प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिभाशाली छात्र हिस्सा लेते हैं। ऐसे मंच पर भारतीय छात्रों द्वारा सभी स्वर्ण पदक जीतना देश के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि भारत के वैज्ञानिक भविष्य को और अधिक उज्ज्वल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।