109 इनक्यूबेटर, 1.23 लाख प्रशिक्षित युवा: ASPPIRE की बड़ी उपलब्धि

Fri 26-Jun-2026,11:41 PM IST +05:30

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109 इनक्यूबेटर, 1.23 लाख प्रशिक्षित युवा: ASPPIRE की बड़ी उपलब्धि Mawsynram to Kartavya Path
  • ASPPIRE योजना ग्रामीण युवाओं को उद्यमी बनने के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दे रही है।

  • देशभर में 109 लाइवलीहुड बिजनेस इनक्यूबेटर स्थापित किए जा चुके हैं।

  • महिलाओं, किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

Delhi / :

Delhi / मेघालय के मॉसिनराम की पहाड़ियों में रहने वाले बंशैलंग मारबानियांग की कहानी आज ग्रामीण भारत में उभर रहे नए बदलाव की प्रतीक बन चुकी है। दुनिया के सबसे अधिक वर्षा वाले क्षेत्र में रहने वाले बंशैलंग ने वर्षों तक अपने आसपास के युवाओं को रोजगार की तलाश में गांव छोड़ते देखा। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच अपना व्यवसाय शुरू करना उनके लिए एक दूर का सपना था। लेकिन आज वही युवा सफल उद्यमी के रूप में पहचान बना चुका है।

इस बदलाव के पीछे केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की ASPPIRE (A Scheme for Promotion of Innovation, Rural Industries and Entrepreneurship) योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जब बंशैलंग को गुवाहाटी स्थित भारतीय उद्यमिता संस्थान (IIE) द्वारा संचालित उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी मिली, तो उन्होंने इसमें भाग लेने का फैसला किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें व्यवसाय प्रबंधन, तकनीकी कौशल और बाजार की समझ विकसित करने का अवसर मिला। इसके बाद उन्होंने स्थानीय कृषि उत्पादों पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय शुरू किया और अपने क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा किए।

ASPPIRE योजना की शुरुआत वर्ष 2015 में ग्रामीण और कृषि आधारित क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। सरकार ने महसूस किया कि गांवों में प्रतिभा और संसाधनों की कमी नहीं है, लेकिन उद्यम शुरू करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता का अभाव है। इसी कमी को दूर करने के लिए यह योजना लाई गई, जो आज हजारों युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘लाइवलीहुड बिजनेस इनक्यूबेटर’ (LBI) हैं। ये केंद्र केवल कौशल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों को व्यवसाय शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में भी मदद करते हैं। यहां आधुनिक उपकरण, तकनीकी सहायता, ब्रांडिंग, उत्पाद विकास, बाजार से जुड़ाव और वित्तीय मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

देशभर में ASPPIRE के तहत खाद्य प्रसंस्करण, शहद उत्पादन, मशरूम खेती, बांस उत्पाद, मसाला प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और कॉयर उद्योग जैसे क्षेत्रों में उद्यम विकसित किए जा रहे हैं। जून 2026 तक देश के 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 109 लाइवलीहुड बिजनेस इनक्यूबेटर स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों ने अब तक 1.23 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया है और 1,200 से ज्यादा सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने में सहायता की है।

इस योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि सामाजिक समावेशन है। वित्त वर्ष 2022-23 से अब तक 28,500 से अधिक महिलाओं को उद्यमिता के अवसर मिले हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के हजारों लाभार्थियों को भी योजना से लाभ मिला है। इससे उद्यमिता बड़े शहरों तक सीमित न रहकर गांवों और दूरदराज़ क्षेत्रों तक पहुंची है।

बंशैलंग मारबानियांग की सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला। उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आमंत्रित किया गया। यह केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी, बल्कि उन हजारों ग्रामीण उद्यमियों की सफलता का प्रतीक था जो अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।

आज ASPPIRE योजना केवल व्यवसाय खड़े नहीं कर रही, बल्कि आत्मनिर्भरता, रोजगार और ग्रामीण विकास की नई कहानी लिख रही है। यह योजना साबित कर रही है कि सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर देश का हर युवा अपने क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकता है।