Punjab University News: करंट से छात्रा ज्योति की मौत, भाई को नौकरी और परिवार को ₹16 लाख की आर्थिक सहायता
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करंट लगने से पीएचडी स्कॉलर ज्योति की मौत के बाद परिवार को ₹16 लाख की सहायता।
ज्योति के भाई को पंजाब यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रीशियन की स्थायी नौकरी मिली।
हादसे के बाद कैंपस सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, जांच की मांग तेज।
Punjab / पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) परिसर में करंट लगने से पीएचडी स्कॉलर ज्योति की दर्दनाक मौत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीड़ित परिवार के लिए बड़ा राहत पैकेज घोषित किया है। प्रशासन ने न केवल परिवार को 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है, बल्कि ज्योति के भाई को विश्वविद्यालय परिसर में इलेक्ट्रीशियन के पद पर स्थायी नौकरी भी प्रदान की है। इस फैसले को परिवार को आर्थिक और सामाजिक संबल देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
28 जुलाई को हुए इस हादसे ने पूरे पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर को झकझोर कर रख दिया। जानकारी के अनुसार, ज्योति कैंपस में मौजूद एक खुले बिजली के तार की चपेट में आ गई थीं। करंट इतना तेज था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों और कर्मचारियों ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि कैंपस जैसे संवेदनशील शैक्षणिक परिसर में खुले बिजली के तार कैसे छोड़ दिए गए और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया।
हादसे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर पीड़ित परिवार को न्याय और उचित सहायता उपलब्ध कराने का दबाव बढ़ गया। लगातार हो रहे विरोध और परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी की कुलपति (VC) और वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष बैठक बुलाई गई। बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद परिवार के पुनर्वास और आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसलों पर सहमति बनी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय लिया कि ज्योति के भाई को कैंपस में इलेक्ट्रीशियन के पद पर स्थायी नियुक्ति दी जाएगी, ताकि परिवार को भविष्य में नियमित आय का स्रोत मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय केवल तत्काल राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार को लंबे समय तक आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है।
इसके अलावा विश्वविद्यालय ने पीड़ित परिवार को 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान करने की घोषणा की है। प्रशासन का कहना है कि यह राशि परिवार की तत्काल जरूरतों, आर्थिक संकट और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगी। हालांकि किसी अपने को खोने का दुख किसी भी आर्थिक सहायता से कम नहीं किया जा सकता, लेकिन यह सहायता परिवार को कठिन परिस्थितियों से उबरने में सहारा देगी।
इस घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और कर्मचारियों ने मांग की है कि पूरे परिसर में बिजली व्यवस्था का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, खुले तारों और अन्य खतरनाक स्थानों को तत्काल सुरक्षित किया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेही तय की जाए। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।