Kolkata NEET Protest Violence: कोलकाता हिंसा मामले में 2 और गिरफ्तार, कुल 16 आरोपी; पत्रकारों ने निकाला विरोध मार्च
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Kolkata Protest
कोलकाता हिंसा मामले में दो और गिरफ्तार, कुल 16 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में।
पत्रकारों ने मीडियाकर्मियों पर हमले के विरोध में निकाला विरोध मार्च।
पुलिस वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
Kolkata / राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET 2026) प्रश्नपत्र लीक के विरोध में 24 जुलाई को कोलकाता में निकाले गए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने सोमवार को दो और लोगों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों के साथ ही मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान वकार आजम (35) और जावेद अख्तर (32) के रूप में की है। वकार आजम पार्क सर्कस के कड़ेया क्षेत्र का निवासी है, जबकि जावेद अख्तर गार्डनरीच के पास नाडियाल थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।
इधर, 24 जुलाई को प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पत्रकारों पर हुए हमले के विरोध में सोमवार को कोलकाता में बड़ी संख्या में मीडियाकर्मियों ने विरोध मार्च निकाला। पत्रकारों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मीडिया कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
जांच के तहत पुलिस ने पहले गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को सोमवार को एस्प्लेनेड स्थित डोरिना क्रॉसिंग ले जाकर घटनास्थल का पुनर्निर्माण (सीन री-क्रिएशन) कराया। इस दौरान आरोपियों को पुलिस सुरक्षा के बीच नंगे पैर घटनास्थल तक ले जाया गया, जहां अधिकारियों ने घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने और हिंसा के पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कई पत्रकारों पर जूते और बोतलें फेंकी गईं। इसके अलावा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर भी हमला करने की कोशिश की गई थी। इस हिंसा के संबंध में हेयर स्ट्रीट और एंटाली थानों में कुल सात प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई हैं।
कोलकाता पुलिस ने कहा कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। इसमें सीसीटीवी और वीडियो फुटेज, डिजिटल सामग्री तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो और गिरफ्तारियां भी की जाएंगी।
वहीं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि हिंसा के सिलसिले में कम से कम 70 लोगों की पहचान की गई है, जो न तो छात्र थे और न ही कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के सदस्य। उन्होंने कहा कि इनका नीट प्रश्नपत्र लीक से भी कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था।
गौरतलब है कि स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और वामपंथी छात्र संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट प्रश्नपत्र लीक की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर 24 जुलाई को कोलकाता में विरोध मार्च निकाला था। इसी दिन कॉजपा ने भी शहर में अलग से जनसभा आयोजित की थी। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा अब राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा मुद्दा बन गई है।