NCC की महिला कैडेटों का साहसिक अभियान ‘अपराजिता–परंग ला 2026’ रवाना
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Aparajita Parang La 2026
अभियान रवाना: राजनाथ सिंह ने ‘अपराजिता–परंग ला 2026’ को हरी झंडी दिखाई।
कठिन चुनौती: 28 महिला कैडेट 30 दिनों में लगभग 250 किलोमीटर का ट्रेक करेंगी।
नारी शक्ति: अभियान नेतृत्व, आत्मविश्वास, टीमवर्क और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देगा।
New Delhi / रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की प्रमुख साहसिक गतिविधि अखिल भारतीय बालिका अधिक ऊंचाई दुर्गम पदयात्रा ‘अपराजिता–परंग ला 2026’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान हिमालय के अत्यंत चुनौतीपूर्ण उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरेगा और इसमें देशभर की महिला NCC कैडेटों की भागीदारी होगी।
यह ट्रेक परंग ला दर्रे की 5,578 मीटर यानी करीब 18,300 फीट की ऊंचाई से होकर गुजरेगा। यह दर्रा हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र से जोड़ता है और देश के सबसे कठिन उच्च-ऊंचाई वाले दुर्गम पदयात्रा मार्गों में शामिल है।
28 महिला कैडेट होंगी अभियान का हिस्सा
अभियान में 28 महिला कैडेट भाग ले रही हैं, जिनकी औसत आयु करीब 19 वर्ष है। सबसे कम उम्र की प्रतिभागी मात्र साढ़े 16 वर्ष की है। अभियान का नेतृत्व तीनों सेनाओं की तीन महिला अधिकारी करेंगी।
रक्षा मंत्री ने युवा महिला कैडेटों की इस चुनौतीपूर्ण अभियान में भागीदारी को देश की महिलाओं के साहस, दृढ़ संकल्प और बढ़ती क्षमताओं का सशक्त प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान युवाओं में नेतृत्व क्षमता, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
30 दिनों में 250 किलोमीटर का सफर
अधिकारियों, चिकित्सा कर्मियों, प्रशिक्षकों और सहायक कर्मचारियों सहित अभियान दल करीब 250 किलोमीटर की दूरी 30 दिनों में तय करेगा। अभियान का मार्ग हिमालय के अत्यंत दूरस्थ और कठिन इलाकों से होकर गुजरेगा।
दल के प्रमुख पड़ावों में किब्बर, दुमला, थलटक, बोंगरोजेन, परंग ला दर्रा, डाक कारज़ोंग, नोर्बू सुम्दो, कियांगडोम और कोरज़ोक शामिल हैं। इस दौरान कैडेटों को ऊंचाई वाले रेगिस्तानी इलाकों, ग्लेशियरों, बर्फीले मैदानों और नदी घाटियों जैसी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करना होगा।
सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अभियान दल को सुरक्षित और सफल ट्रेक के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कैडेटों की शारीरिक और मानसिक तैयारी की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान उनके लिए दृढ़ता, आत्मविश्वास और आत्म-खोज का महत्वपूर्ण अनुभव साबित होगा।
उन्होंने कैडेटों से अभियान के दौरान सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के साथ सम्मानजनक संपर्क को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने प्रशिक्षकों के निर्देशों का सख्ती से पालन करने, अनावश्यक जोखिमों से बचने और हिमालयी पर्यावरण को स्वच्छ रखने की अपील की।
रक्षा मंत्री ने स्थानीय समुदायों की संस्कृति और परंपराओं को समझने तथा उनके अनुभवों से सीखने की सलाह भी दी। उन्होंने विश्वास जताया कि कैडेट इस अभियान से केवल यादगार अनुभव लेकर नहीं लौटेंगी, बल्कि अपनी आंतरिक शक्ति और क्षमता को भी बेहतर तरीके से पहचानेंगी।
‘नारी शक्ति’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश
राजनाथ सिंह ने भूमि, जल और वायु में साहसिक गतिविधियों में NCC कैडेटों की बढ़ती उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला कैडेटों की भागीदारी नारी शक्ति की भावना को मजबूती देती है।
अखिल भारतीय स्तर पर विभिन्न NCC निदेशालयों से आई कैडेटों की विविध भाषाएं, संस्कृतियां और सामाजिक पृष्ठभूमियां इस अभियान को विशेष बनाती हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पृष्ठभूमियों से आने वाली कैडेट एक साझा मिशन से जुड़कर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रदर्शित कर रही हैं।
दो चरणों में हुआ अभियान का चयन
‘अपराजिता–परंग ला 2026’ अभियान को दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में भाबा-पिन घाटी क्षेत्र में तैयारी और अनुकूलन के लिए ट्रेक आयोजित किया गया। इसके बाद प्रदर्शन और योग्यता के आधार पर NCC महिला कैडेटों की अंतिम टीम का चयन किया गया।
अभियान का उद्देश्य महिला कैडेटों में नारी शक्ति, नेतृत्व, आत्मविश्वास, टीम वर्क, सहनशक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है। यह अभियान युवा कैडेटों के लिए कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने, अनुशासन बनाए रखने और टीम के साथ मिलकर लक्ष्य हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर भी होगा।
इस अवसर पर NCC के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स सहित NCC और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।