ग्वालियर-चंबल को बड़ी रेल सौगात, बीरपुर तक पहुंची रेल सेवा
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Kota Railway Connectivity
बीरपुर तक रेल सेवा: ग्वालियर से बीरपुर तक सीधा रेल संपर्क शुरू।
क्षेत्रीय विकास: 100 से अधिक गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ।
आर्थिक अवसर: शिक्षा, रोजगार, व्यापार, उद्योग और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।
New Delhi / मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परिवर्तित कैलारस-सबलगढ़-बीरपुर रेल खंड का उद्घाटन किया। इस अवसर पर ग्वालियर-कैलारस रेल सेवा के बीरपुर तक विस्तार को भी हरी झंडी दिखाई गई।
56 किलोमीटर लंबे कैलारस-बीरपुर खंड से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। गेज परिवर्तन से लाभान्वित होने वाले 56 किलोमीटर लंबे कैलारस-बीरपुर रेलखंड से मुरैना और शिवपुरी जिलों के 100 से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। बीरपुर, विजयपुर और सबलगढ़ जैसे क्षेत्रों को ग्वालियर से सीधा रेल संपर्क मिलने से यात्रियों को अधिक किफायती और सुविधाजनक परिवहन विकल्प उपलब्ध होंगे।
इस रेल संपर्क से क्षेत्र के लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच बेहतर होने के साथ स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।
श्योपुर और कोटा तक विस्तार की तैयारी
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेल संपर्क को आगे श्योपुर कलां और अंततः कोटा तक बढ़ाया जाएगा। बिरलानगर-बीरपुर के 117 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर चरणबद्ध तरीके से काम आगे बढ़ा है। बिरलानगर-रायरू खंड मई 2023, रायरू-सुमावली अगस्त 2023, सुमावली-जौरा नवंबर 2023 और जौरा-कैलारस फरवरी 2024 में यात्रियों एवं यातायात के लिए खोले गए। कैलारस-सबलगढ़ खंड 2025 में और सबलगढ़-बीरपुर खंड 2026 में खोला गया।
रेल मंत्री के अनुसार, बीरपुर-सेरोनी रोड के 37 किलोमीटर और सेरोनी रोड-श्योपुर कलां के 33 किलोमीटर हिस्से का काम लगभग पूरा हो चुका है। इससे ग्वालियर-श्योपुर कलां रेल संपर्क भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा रेल निवेश
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मध्य प्रदेश का रेल बजट 2009-14 के 632 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 15,188 करोड़ रुपये हो गया है। राज्य में करीब 1.55 लाख करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं वर्तमान में चल रही हैं। इसके अलावा 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। राज्य में पांच वंदे भारत ट्रेनें संचालित हैं और सात अमृत भारत ट्रेनें शुरू की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में मनमाड-इंदौर नई रेल लाइन सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम जारी है। वर्तमान सरकार के तीसरे कार्यकाल में मध्य प्रदेश से संबंधित स्वीकृत रेल परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 64,512 करोड़ रुपये है।
रेल लाइन से उद्योग, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए इसे ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि बीरपुर तक रेल विस्तार क्षेत्र के विकास की नई शुरुआत है। रेल संपर्क केवल यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण साधन भी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क के विस्तार से नए औद्योगिक और आर्थिक अवसर पैदा होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र और मालवा के बीच संपर्क मजबूत होगा। उन्होंने बैटरी ऊर्जा भंडारण, फुटवियर, हाइड्रोजन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में क्षेत्र की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर रेल नेटवर्क इन गतिविधियों को नई गति दे सकता है।
कैलारस क्षेत्र में वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 10 हजार लोगों को रेल परिवहन सुविधा मिलती है। बीरपुर तक विस्तार के बाद इसका लाभ और अधिक आबादी तक पहुंचने की उम्मीद है। रेलवे लाइन का आगे श्योपुर और कोटा तक विस्तार क्षेत्र को बड़े शैक्षणिक, औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्रों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुरैना सांसद शिवमंगल सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।