मध्यप्रदेश बिजली चोरी पर ईनाम योजना
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मध्यप्रदेश में बिजली चोरी की सूचना देने वाले शिकायतकर्ताओं को 50 हजार रूपए तक का ईनाम मिलेगा और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
01 अप्रैल 2025 से अब तक 167 सफल शिकायतकर्ताओं को 2.06 लाख रुपये बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर किए गए हैं।
Madhya Pradesh/ मध्यप्रदेश सरकार ने बिजली चोरी को रोकने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। अब बिजली चोरी की सूचना देने वाले शिकायतकर्ताओं को सीधे उनके बैंक खाते में 50 हजार रूपए तक का ईनाम मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में बिजली चोरी की घटनाओं में कमी लाना और लोगों को जिम्मेदार बनाना है। शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और उन्हें सुरक्षा के साथ-साथ वित्तीय प्रोत्साहन भी मिलेगा।
प्रदेश की बिजली कंपनियों ने यह योजना बिजली मित्र ऐप के माध्यम से शुरू की है। अब कोई भी नागरिक बिजली चोरी की सूचना सीधे इस ऐप पर दर्ज करवा सकता है। शिकायत की पुष्टि होने के बाद, चोरी की राशि वसूली पर शिकायतकर्ता को कुल वसूली का 10 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार रूपए दिया जाएगा।
कंपनी की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। पहले भी इस योजना के तहत कई सफल मामलों में राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जा चुकी है। 01 अप्रैल 2025 से अब तक कुल 167 सफल सूचना देने वालों को 02 लाख 06 हजार रूपए सीधे उनके बैंक खाते में जमा किए जा चुके हैं।
इसके अलावा, चोरी की जांच और वसूली में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को भी 3000 रुपये प्रोत्साहन राशि उनके मासिक वेतन में जोड़ा गया है। ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने से पहले कुल 63 मामलों में 07 सफल सूचना देने वालों को 2 लाख 18 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई थी।
बिजली कंपनियों का कहना है कि इस पहल से न केवल चोरी की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि आम जनता को भी जागरूक और सहभागी बनाया जाएगा। इसके साथ ही राज्य की आर्थिक क्षति को कम करने में मदद मिलेगी। इस पहल से यह संदेश भी मिलता है कि जनता और प्रशासन मिलकर किसी भी अपराध या हानि को रोक सकते हैं और उसके लिए प्रोत्साहन प्राप्त कर सकते हैं।