भारतीय नौसेना के 3 जहाज मालदीव पहुंचे, समुद्री साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती!
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INS Teer
भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के तीन जहाज मालदीव के माले पहुंचे।
सैन्य अधिकारियों की मुलाकात और गिरिफुशी प्रशिक्षण केंद्र का दौरा हुआ।
यात्रा का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाना है।
New Delhi / हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के तीन जहाज मालदीव की राजधानी माले पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत, प्रशिक्षण और संयुक्त गतिविधियां होंगी। आखिर इस दौरे से भारत-मालदीव के समुद्री संबंधों को क्या मजबूती मिलेगी और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए यह कितना अहम है?
भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन यानी 1टीएस के जहाज आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक बल का जहाज सारथी 21 अक्टूबर 2026 को मालदीव की राजधानी माले पहुंचा। ये जहाज लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती के तहत वहां पहुंचे हैं। मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल यानी एमएनडीएफ ने भारतीय स्क्वाड्रन का गर्मजोशी से स्वागत किया।
यह यात्रा भारत और मालदीव के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी, आपसी विश्वास और क्षेत्रीय सहयोग को दर्शाती है।
सैन्य अधिकारियों के बीच हुई महत्वपूर्ण बातचीत
माले में बंदरगाह पर ठहराव के दौरान प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी ने मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल के रक्षा प्रमुख और तटरक्षक बल के कमांडेंट से मुलाकात की।
इस दौरान भारतीय नौसेना और मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल के बीच नियमित संपर्क बनाए रखने तथा समुद्री क्षेत्र में सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी समझ को बढ़ावा देना है।
इसके अलावा, प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी ने मालदीव में भारत के उच्चायुक्त जी. बालासुब्रमण्यम से भी मुलाकात की। इस तरह यह यात्रा सैन्य सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को भी रेखांकित करती है।
प्रशिक्षुओं को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय अनुभव
इस दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रशिक्षण और अनुभवों का आदान-प्रदान है। कार्यक्रम के तहत भारतीय नौसेना के प्रशिक्षुओं ने मालदीव के गिरिफुशी प्रशिक्षण केंद्र का दौरा किया।
इस तरह के दौरे प्रशिक्षुओं को दूसरे देश की प्रशिक्षण व्यवस्था, कार्यप्रणाली और समुद्री सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों को समझने का अवसर देते हैं। इससे भविष्य में दोनों देशों के सैन्य कर्मियों के बीच पेशेवर संबंध मजबूत हो सकते हैं।
जहाजों के दौरे और खेल गतिविधियां भी होंगी
यात्रा के दौरान दोनों देशों के सैन्य कर्मियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें एक-दूसरे के जहाजों का दौरा, खेल प्रतियोगिताएं, सामाजिक मेल-मिलाप और जनसंपर्क से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के कर्मियों के बीच विश्वास, सहयोग और बेहतर समझ विकसित करना भी है।
हिंद महासागर में सहयोग का महत्व
भारत और मालदीव के बीच समुद्री सहयोग हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। यह यात्रा भारत के ‘महासागर’ दृष्टिकोण के अनुरूप भी है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति को बढ़ावा देना है।
कुल मिलाकर, भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के जहाजों की मालदीव यात्रा दोनों देशों के बीच समुद्री साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। प्रशिक्षण, संवाद और संयुक्त गतिविधियों के जरिए यह सहयोग भविष्य में भी आगे बढ़ सकता है।