रक्षा मंत्रालय का विशेष अभियान 6: हिंदी पुस्तकालय ‘ज्ञानदीप’ का उद्घाटन, 35,000 वर्ग फुट जगह खाली
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Special Campaign 6
सेना भवन में हिंदी पुस्तकालय ‘ज्ञानदीप’ का उद्घाटन किया गया।
पुराने रिकॉर्ड हटाकर साउथ ब्लॉक में 35,000 वर्ग फुट जगह खाली कराई गई।
ई-कचरे के निपटान से ₹4.22 लाख मिले और आठ स्वच्छता वीर सम्मानित हुए।
New Delhi / क्या सरकारी कार्यालयों में हिंदी को बढ़ावा देने के साथ-साथ पुराने रिकॉर्ड और ई-कचरे का निपटान भी प्रशासन को नई दिशा दे सकता है? रक्षा मंत्रालय ने विशेष अभियान 6 के तहत कुछ ऐसे ही कदम उठाए हैं। नए हिंदी पुस्तकालय से लेकर हजारों वर्ग फुट जगह खाली कराने तक, इस अभियान में कई अहम बदलाव हुए हैं। आखिर इस पहल से मंत्रालय के कामकाज में क्या सुधार लाने की कोशिश की जा रही है?
रक्षा मंत्रालय 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6 चला रहा है। इसी अभियान के तहत रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने नई दिल्ली स्थित सेना भवन में नव स्थापित हिंदी पुस्तकालय ‘ज्ञानदीप’ का उद्घाटन किया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य हिंदी पुस्तकों और साहित्य को बढ़ावा देना, सरकारी कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना और राजभाषा के कार्यान्वयन को मजबूत बनाना है। मंत्रालय का प्रयास है कि कार्यालयों में हिंदी में काम करने की संस्कृति विकसित हो और आधिकारिक कामकाज में राजभाषा के उपयोग को प्रोत्साहन मिले।
‘ज्ञानदीप’ पुस्तकालय क्यों है खास?
सेना भवन में स्थापित यह हिंदी पुस्तकालय हिंदी साहित्य और पुस्तकों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके जरिए कर्मचारियों को हिंदी में उपलब्ध साहित्य तक पहुंच बनाने और आधिकारिक कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने का अवसर मिलेगा।
यह पहल राजभाषा के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता हासिल करने और सरकारी कार्यालयों में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने के व्यापक उद्देश्य से जुड़ी है।
पुराने रिकॉर्ड हटाकर 35 हजार वर्ग फुट जगह खाली
विशेष अभियान 6 के तहत रक्षा मंत्रालय ने पुराने अभिलेखों की समीक्षा, सफाई और अनुपयोगी रिकॉर्ड के निपटान पर भी जोर दिया है। मंत्रालय के अनुसार, साउथ ब्लॉक में पुराने रिकॉर्ड की सफाई और निपटान के जरिए लगभग 35,000 वर्ग फुट जगह खाली कराई गई है।
इस खाली स्थान को प्रोजेक्ट युग युगीन भारत संग्रहालय यानी वाईवाईबीएम को सौंप दिया गया है। यह कदम कार्यालयों में उपलब्ध जगह का बेहतर उपयोग करने और अनुपयोगी रिकॉर्ड के प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण है।
अभियान के दौरान 1,361 ई-फाइलों को बंद किया गया, जबकि 1,746 फाइलों को हटाया गया। इसके अलावा, ई-कचरे और अन्य अप्रचलित वस्तुओं के निपटान से 4.22 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
आठ स्वच्छता वीरों को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने अभियान में विशेष योगदान देने वाले आठ स्वच्छता वीरों को सम्मानित किया। यह सम्मान कार्यालयों की सफाई, व्यवस्था सुधारने और स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों में योगदान को मान्यता देने के लिए दिया गया।
मंत्रालय के विभिन्न कार्यालयों और भवनों में भी नियमित रूप से सफाई और रखरखाव की गतिविधियां की जा रही हैं। इनमें सेना भवन, कर्तव्य भवन-II, वायु भवन और कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित कार्यालय शामिल हैं।
इन स्थानों पर ई-कचरे को अलग करना, उसका उचित निपटान करना और कार्यालय परिसर को व्यवस्थित बनाए रखना अभियान का हिस्सा है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की कोशिश
विशेष अभियान 6 के तहत हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने, पुराने रिकॉर्ड का निपटान करने और कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने जैसे अलग-अलग पहलुओं पर काम किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, ‘ज्ञानदीप’ हिंदी पुस्तकालय का उद्घाटन और रिकॉर्ड प्रबंधन से जुड़े ये कदम रक्षा मंत्रालय में राजभाषा के उपयोग, स्वच्छता और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने की दिशा में उठाए गए हैं।