भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका का नौसैनिक अभ्यास IB SAMAR-IX 2026 सफलतापूर्वक संपन्न

Wed 21-Oct-2026,11:03 PM IST +05:30

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भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका का नौसैनिक अभ्यास IB SAMAR-IX 2026 सफलतापूर्वक संपन्न IB SAMAR-IX 2026
  • आईबीएसएएमएआर-IX 2026 का समापन 20 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका में हुआ।

  • भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाओं ने संयुक्त प्रशिक्षण में भाग लिया।

  • अभ्यास का लक्ष्य समुद्री सुरक्षा और परिचालन सहयोग को मजबूत करना है।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / तीन महाद्वीप, तीन देश और समुद्र में साझा सुरक्षा का एक बड़ा संकल्प! हिंद महासागर से लेकर वैश्विक समुद्री मार्गों तक सुरक्षा की चुनौतियां लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। ऐसे में भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाएं एक साथ आईं। दस दिनों तक चले इस संयुक्त अभ्यास में क्या हासिल हुआ और भविष्य में समुद्री सहयोग की तस्वीर कैसे बदलेगी? आइए जानते हैं इस अहम रक्षा घटनाक्रम की पूरी जानकारी।

भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के बीच आयोजित संयुक्त समुद्री सैन्य अभ्यास आईबीएसएएमएआर-IX 2026 का सफल समापन 20 अक्टूबर 2026 को दक्षिण अफ्रीका के साइमन्स टाउन में हुआ। इस नौवें संस्करण में तीनों देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपसी तालमेल बढ़ाना, परिचालन सहयोग मजबूत करना और नौसैनिक कर्मियों के बीच बेहतर समझ विकसित करना था।

दस दिनों तक चला संयुक्त नौसैनिक अभ्यास
इस अभ्यास में बंदरगाह और समुद्री चरणों के तहत अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गईं। तीनों देशों के नौसैनिक कर्मियों ने पेशेवर विचार-विमर्श, परिचालन संबंधी चर्चाओं और संयुक्त प्रशिक्षण में भाग लिया।

इन गतिविधियों के दौरान प्रतिभागियों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, क्षमताओं और समुद्र में संचालन के तरीकों को समझने का अवसर मिला। इससे नौसेनाओं के बीच विश्वास मजबूत करने और भविष्य में साथ मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

आईएनएस तरकश के कमांडिंग ऑफिसर ने क्या कहा?
समापन समारोह को संबोधित करते हुए आईएनएस तरकश के कमांडिंग ऑफिसर ने कहा कि आईबीएसएएमएआर जैसे नौसैनिक अभ्यास लंबे समय से चले आ रहे राजनयिक संबंधों को व्यावहारिक नौसैनिक सहयोग में बदलने का महत्वपूर्ण मंच हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी संयुक्त अभ्यास की सफलता केवल समुद्र में किए गए युद्धाभ्यास से नहीं मापी जाती। साझा अनुभव, पेशेवर विचारों का आदान-प्रदान और एक-दूसरे से सीखने की प्रक्रिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। इन्हीं गतिविधियों से नौसैनिक कर्मियों के बीच आपसी विश्वास और मजबूत पेशेवर संबंध विकसित होते हैं।

तीनों देशों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है आईबीएसएएमएआर?
भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका अलग-अलग महाद्वीपों में स्थित हैं, लेकिन सुरक्षित और स्थिर समुद्री क्षेत्र सुनिश्चित करना तीनों के साझा हित में है। आईबीएसएएमएआर अभ्यास उन्हें समुद्री चुनौतियों से मिलकर निपटने, बेहतर कार्यप्रणालियां साझा करने और संयुक्त अभियानों के लिए तालमेल विकसित करने का अवसर देता है।

समुद्री क्षेत्र में सहयोग का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि सुरक्षित समुद्री वातावरण अंतरराष्ट्रीय व्यापार, संपर्क और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम है। ऐसे अभ्यासों के जरिए नौसेनाएं एक-दूसरे की क्षमताओं को बेहतर ढंग से समझ सकती हैं और जरूरत पड़ने पर समन्वय के साथ काम करने की तैयारी कर सकती हैं।

भविष्य के सहयोग का रास्ता होगा मजबूत
आईबीएसएएमएआर-IX 2026 के समापन ने नियमित प्रशिक्षण, विचार-विमर्श और पेशेवर संपर्क के महत्व को फिर से रेखांकित किया है। अभ्यास के दौरान बने संबंध भविष्य में संस्थागत सहयोग को मजबूत करने और संयुक्त गतिविधियों के नए अवसर तैयार करने में सहायक हो सकते हैं।

कुल मिलाकर, भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका का यह नौसैनिक अभ्यास सुरक्षित, स्थिर और खुले समुद्री वातावरण को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, आपसी विश्वास और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था के समर्थन में सहयोग को आगे बढ़ाना है।