CM Revanth Reddy BIG Announcement | शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलेंगे ₹2 करोड़!
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Telangana CM Revanth Reddy Announcement
एसपी और आईपीएस अधिकारियों के शहीद होने पर परिवारों को 2 करोड़ रुपये तक की सहायता।
कॉन्स्टेबल, हेड कॉन्स्टेबल और एएसआई के परिवारों के लिए सहायता राशि बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये।
तेलंगाना में 5,000 अतिरिक्त पुलिस पद भरने और पुलिस कल्याण पर जोर।
Telangana / ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए तेलंगाना सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। अब शहीद पुलिस अधिकारियों के परिजनों को पहले से कहीं अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी। आखिर किस रैंक के पुलिसकर्मी के परिवार को कितनी राशि दी जाएगी?
तेलंगाना से पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि बढ़ाने की घोषणा की है। उन्होंने यह ऐलान हैदराबाद के गोशामहल पुलिस स्टेडियम में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने देव सिंह, प्रमोद कुमार और गजुला सौम्या सहित कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था राज्य के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और पुलिस बल की भूमिका इसमें अहम है।
अब जानिए किसे कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री द्वारा घोषित नई व्यवस्था के अनुसार, अलग-अलग रैंक के पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए अनुग्रह राशि में बढ़ोतरी की गई है।
- कॉन्स्टेबल, हेड कॉन्स्टेबल और एएसआई: पहले मिलने वाली 40 से 45 लाख रुपये की राशि बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है।
- सब-इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर: पहले 45 से 50 लाख रुपये मिलने वाली सहायता अब बढ़ाकर 1.25 करोड़ रुपये की गई है।
- डीएसपी और अतिरिक्त एसपी: सहायता राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है।
- एसपी और आईपीएस अधिकारी: इनके परिवारों को मिलने वाली राशि 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दी गई है।
- होमगार्ड: सहायता राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए डीजीपी को निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सहायता पुलिसकर्मियों के बलिदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार, पुलिस विभाग और समाज उनके साथ खड़े हैं।
भर्ती और पुलिस कल्याण पर भी जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में 5,000 अतिरिक्त पदों को भरने की दिशा में चल रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने 2028 तक पुलिस विभाग की सभी रिक्तियां भरने की प्रतिबद्धता भी जताई। सरकार ने हाल ही में 112 डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस यानी डीएसपी की भर्ती की है, जिसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
इसके अलावा, ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को ट्रैफिक असिस्टेंट के रूप में नियुक्त करने की पहल का भी उल्लेख किया गया। पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा के लिए ‘यंग इंडिया पुलिस स्कूल’ स्थापित किया गया है, जहां होमगार्ड से लेकर डीजीपी तक के कर्मियों के बच्चों को शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
तकनीक, नशे और महिला सुरक्षा पर भी ध्यान
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से बदलते अपराधों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने और जनता के साथ मानवीय व्यवहार बनाए रखने की अपील की। उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में ईगल फोर्स के प्रयासों की सराहना की।
खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ ‘टीजी सेफ’ पहल शुरू की गई है। वहीं, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘शी टीम्स’ के साथ मार्च में ‘स्टैंड विद हर’ और अप्रैल में ‘स्पंदना – इंस्टेंट प्रोटेक्शन टीम्स’ जैसी पहल शुरू की गईं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने का आग्रह किया।
इससे पहले तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और एमएलसी महेश कुमार गौड़ ने भी पुलिस शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के बलिदान को याद करते हुए समाज से उनके परिजनों का सहयोग करने की अपील की।
कुल मिलाकर, तेलंगाना सरकार की यह घोषणा शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने के साथ पुलिस कल्याण, भर्ती और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित है।
ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरों के लिए देखते रहिए AGCNN NEWS। नमस्कार!