कोलंबो से रवाना हुए भारतीय नौसेना के तीन जहाज, श्रीलंका के साथ समुद्री साझेदारी हुई मजबूत!

Fri 30-Oct-2026,08:32 PM IST +05:30

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कोलंबो से रवाना हुए भारतीय नौसेना के तीन जहाज, श्रीलंका के साथ समुद्री साझेदारी हुई मजबूत! India-Sri Lanka Relations
  • भारतीय नौसेना के तीन जहाज सफल बंदरगाह यात्रा के बाद कोलंबो से रवाना हुए।

  • भारतीय और श्रीलंकाई नौसैनिक प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण सुविधाओं और अनुभवों का आदान-प्रदान किया।

  • एसएलएनएस नंदीमित्र के साथ PASSEX अभ्यास से दोनों नौसेनाओं का परिचालन तालमेल मजबूत हुआ।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / हिंद महासागर में बदलते सामरिक समीकरणों के बीच भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं ने अपनी साझेदारी को और मजबूत किया है। कोलंबो में भारतीय नौसेना के तीन जहाजों की मौजूदगी के दौरान कुछ ऐसी गतिविधियां हुईं, जो समुद्री सुरक्षा के लिहाज से अहम हैं।

भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भारतीय नौसेना ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन यानी फर्स्ट ट्रेनिंग स्क्वाड्रन के तीन जहाज—आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज आईसीजीएस सारथी—29 अक्टूबर 2026 को श्रीलंका के कोलंबो से रवाना हो गए। इन जहाजों की यह यात्रा सफल बंदरगाह प्रवास के समापन के बाद पूरी हुई।

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री साझेदारी और आपसी परिचालन समन्वय को मजबूत करना था। इस दौरान भारतीय नौसेना और श्रीलंका नौसेना के अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण सैन्य बातचीत भी हुई।

बंदरगाह पर ठहराव के दौरान प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी ने तीनों जहाजों के कमांडिंग अधिकारियों के साथ श्रीलंका नौसेना के पश्चिमी नौसैनिक क्षेत्र के कमांडर से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय संबंधों और समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया।

इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नौसैनिक प्रशिक्षण और पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान भी रहा। प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के समुद्री प्रशिक्षुओं ने श्रीलंका के त्रिंकोमाली स्थित नौसेना एवं समुद्री अकादमी यानी नेवल एंड मैरीटाइम एकेडमी का दौरा किया। यहां भारतीय प्रशिक्षुओं ने श्रीलंका नौसेना के अपने समकक्षों के साथ बातचीत की और प्रशिक्षण से जुड़े अनुभव साझा किए।

इसके जवाब में श्रीलंका नौसेना अकादमी के कैडेटों ने भारतीय जहाजों का दौरा किया। इस दौरान उन्हें प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन की प्रशिक्षण सुविधाओं, गतिविधियों और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। इस तरह दोनों देशों के युवा नौसैनिकों को एक-दूसरे की प्रशिक्षण व्यवस्था को समझने और पेशेवर संबंध मजबूत करने का अवसर मिला।

सैन्य गतिविधियों के साथ-साथ भारतीय नौसेना ने सामुदायिक और पर्यावरण से जुड़ी पहलों में भी भागीदारी की। भारतीय नौसेना के कर्मियों ने कोलंबो में समुद्र तट की सफाई गतिविधि में हिस्सा लिया। इस पहल का उद्देश्य समुद्री पर्यावरण की स्वच्छता और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

इसके अलावा भारतीय जहाजों को स्थानीय समुदाय के सदस्यों और श्रीलंका में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी खोला गया। आगंतुकों को जहाजों के चालक दल से बातचीत करने और भारतीय नौसेना की प्रशिक्षण एवं परिचालन गतिविधियों को करीब से जानने का अवसर मिला।

इस यात्रा का एक अहम सामरिक पड़ाव जहाजों के कोलंबो से प्रस्थान के समय देखने को मिला। प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के तीनों जहाजों ने श्रीलंका नौसेना के जहाज एसएलएनएस नंदीमित्र के साथ पैसेज अभ्यास यानी PASSEX किया। इस अभ्यास के दौरान दोनों नौसेनाओं ने समन्वित समुद्री युद्धाभ्यास किया। इससे उनके बीच परिचालन तालमेल और एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता को बढ़ावा मिला।

गौरतलब है कि यह यात्रा भारत के महासागर दृष्टिकोण के अनुरूप है। महासागर का अर्थ है—क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति। यह दृष्टिकोण हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग, क्षमता निर्माण और साझा समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

कुल मिलाकर, भारतीय नौसेना की यह यात्रा केवल एक औपचारिक बंदरगाह दौरा नहीं रही, बल्कि इसने प्रशिक्षण, सैन्य संवाद, पर्यावरण संरक्षण और संयुक्त समुद्री अभ्यास के जरिए भारत-श्रीलंका संबंधों को नई मजबूती दी है।