रायबरेली अस्पताल के गेट पर प्रसव क्यों? ₹15 हजार मांगने के आरोप और प्रशासन के दावे से उठे सवाल

Sun 04-Oct-2026,12:04 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

रायबरेली अस्पताल के गेट पर प्रसव क्यों? ₹15 हजार मांगने के आरोप और प्रशासन के दावे से उठे सवाल Raebareli Hospital Case
  • रायबरेली जिला महिला अस्पताल के गेट पर प्रसव का वीडियो वायरल।

  • परिजनों ने ₹10 हजार और बाद में ₹15 हजार मांगने का आरोप लगाया।

  • अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा।

Uttar Pradesh / Raebareli :

Raebareli / रायबरेली के जिला महिला अस्पताल से सामने आया एक वीडियो कई सवाल खड़े कर रहा है। गर्भवती महिला के परिजनों ने पैसे मांगने का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल प्रशासन ने अलग वजह बताई। आखिर अस्पताल के गेट पर प्रसव की नौबत 

रायबरेली अस्पताल के गेट पर प्रसव, रिश्वत के आरोपों से गरमाया मामला
रायबरेली के जिला महिला अस्पताल के गेट पर गर्भवती महिला के प्रसव का वीडियो शनिवार रात करीब 11 बजे वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में महिला अस्पताल के बाहर प्रसव पीड़ा से जूझती नजर आ रही है। इस घटना को लेकर महिला के परिजनों ने अस्पताल कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा है।

परिजनों के मुताबिक, सलोन निवासी गर्भवती प्रतिभा को शनिवार सुबह करीब 11 बजे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका कहना है कि महिला को धीरे-धीरे प्रसव पीड़ा हो रही थी। इस दौरान डॉक्टरों ने उसे कई बार इंजेक्शन दिए और अभी प्रसव नहीं होने की बात कहते हुए बाहर टहलने के लिए कहा।

परिजनों का आरोप है कि प्रसव के लिए उनसे पहले 10 हजार रुपये और बाद में 15 हजार रुपये की मांग की गई। परिवार ने आर्थिक स्थिति खराब होने की बात कही और पैसे देने में असमर्थता जताई। आरोप है कि इसके बाद महिला को लगातार टाला जाता रहा।

देर रात स्थिति उस समय गंभीर हो गई, जब परिजनों के मुताबिक अस्पताल परिसर के गेट के सामने ही महिला का प्रसव हो गया। वायरल वीडियो में प्रसव के बाद महिला अस्पताल के गेट के बाहर दिखाई दे रही है। इसी दौरान अस्पताल के कर्मचारी महिला को अंदर ले जाते हुए भी नजर आते हैं।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे पैसे की मांग की गई और इस बारे में किसी को जानकारी देने से मना किया गया था। इन आरोपों ने अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हालांकि, जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. निर्मला साहू ने परिजनों के आरोपों से अलग अस्पताल का पक्ष रखा है। उनका कहना है कि सलोन की रहने वाली प्रतिभा को उसके दिव्यांग पति ने अस्पताल में भर्ती कराया था।

सीएमएस के मुताबिक, महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और बिना बताए अपने बेड से उठकर अस्पताल के बाहर चली गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल के बाहर ही महिला की प्रसव प्रक्रिया शुरू हो गई थी। जानकारी मिलते ही अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे तत्काल अंदर लाया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों का इलाज जारी है और बच्चे को आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

ऐसे में इस पूरे मामले में परिजनों के आरोप और अस्पताल प्रशासन के बयान अलग-अलग हैं। वायरल वीडियो के आधार पर सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। अब सवाल यही है कि पूरे घटनाक्रम की जांच में क्या सामने आता है और क्या अस्पताल प्रशासन या संबंधित कर्मचारियों की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई कार्रवाई होती है।