भारत-मलेशिया शासन सुधार सहयोग पर दूसरी संयुक्त कार्य समूह बैठक

Wed 19-Aug-2026,07:04 PM IST +05:30

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भारत-मलेशिया शासन सुधार सहयोग पर दूसरी संयुक्त कार्य समूह बैठक India Malaysia Relations
  •  भारत-मलेशिया ने लोक प्रशासन और शासन सुधारों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

  • डिजिटल सरकार, AI, साइबर सुरक्षा और डेटा आधारित शासन पर अनुभव साझा किए गए।

  • 2027-2029 रणनीतिक रोडमैप के जरिए क्षमता निर्माण और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / लोक प्रशासन और शासन सुधारों के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत-मलेशिया संयुक्त कार्य समूह (JWG) की दूसरी बैठक 18 अगस्त 2026 को आयोजित की गई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के अतिरिक्त सचिव श्री पुनीत यादव और मलेशिया के लोक सेवा (विकास) उप महानिदेशक श्री दातुक डॉ. मोहम्मद बखारी बिन इस्माइल ने की।

बैठक में भारत की ओर से DARPG, विदेश मंत्रालय, राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) और कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच लोक प्रशासन, शासन सुधार, क्षमता निर्माण और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाना रहा।

द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर
मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए श्री पुनीत यादव ने भारत और मलेशिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे बहुआयामी संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध मजबूत जन-संपर्क, साझा मूल्यों और पारस्परिक हितों पर आधारित हैं।

उन्होंने बताया कि अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा ने दोनों देशों के बीच सहयोग को और गति प्रदान की।

पहली बैठक के बाद हुई प्रगति की समीक्षा
संयुक्त कार्य समूह ने 13 नवंबर 2024 को आयोजित अपनी पहली बैठक के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने पिछली बैठक के विवरण की पुष्टि करते हुए उसे अपनाया। इसके साथ ही समन्वय और सहमत गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दोनों देशों की ओर से संपर्क बिंदु भी नामित किए गए।

बैठक में भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम के तहत चल रहे क्षमता निर्माण सहयोग पर भी चर्चा हुई। मलेशियाई पक्ष ने भारत में आयोजित कार्यक्रमों के शैक्षणिक मॉड्यूल, संस्थागत और क्षेत्रीय दौरों, कार्यक्रम समन्वय तथा प्रतिभागियों को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की सकारात्मक सराहना की।

दोनों पक्षों ने 2026 और 2027 बैच के लिए प्रस्तावित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों पर भी चर्चा की। मलेशियाई पक्ष ने वरिष्ठ मलेशियाई अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की संभावना तलाशने के प्रस्ताव का स्वागत किया।

डिजिटल गवर्नेंस और नई तकनीक पर चर्चा
बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के आधुनिकीकरण और शासन सुधारों से जुड़े अनुभवों का आदान-प्रदान भी किया गया। मलेशिया ने सार्वजनिक क्षेत्र में परिवर्तन के लिए अपने दृष्टिकोण को साझा किया, जिसमें लोग, प्रक्रियाएं और प्रौद्योगिकी प्रमुख आधार हैं। नवाचार को इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण कारक बताया गया।

चर्चा के दौरान डिजिटल सरकार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड सेवाएं, साझा डिजिटल अवसंरचना, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन, डेटा आधारित निर्णय लेने और कनेक्टेड सरकार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों का जोर ऐसी सार्वजनिक सेवाएं विकसित करने पर रहा, जो सरल, तेज और नागरिक-केंद्रित हों।

CPGRAMS और 'समाधान दीदी' की जानकारी साझा
भारतीय पक्ष ने केंद्रीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) के बारे में जानकारी साझा की। इसे शिकायत निवारण के लिए दुनिया का सबसे बड़ा 24x7 डिजिटल नागरिक इंटरफेस प्लेटफॉर्म बताया गया।

भारत ने 'समाधान दीदी' के बारे में भी जानकारी दी। 30 मई 2026 को लॉन्च किया गया यह AI-सक्षम वॉयस चैटबॉट CPGRAMS को अधिक सुलभ, बहुभाषी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक पहल है। संवादात्मक AI के माध्यम से यह नागरिकों को सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल प्रतिक्रियाएं उपलब्ध कराने में मदद करता है।

2027-2029 के लिए रणनीतिक रोडमैप
मलेशियाई पक्ष ने मलेशिया-भारत शासन साझेदारी के लिए कार्य योजना प्रस्तुत की। बैठक में 2027-2029 के रणनीतिक रोडमैप पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच शासन सहयोग के लिए एक स्पष्ट कार्यान्वयन ढांचा तैयार करना और समझौता ज्ञापन के तहत सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों के लिए तीन वर्षीय रोडमैप विकसित करना है।

बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने ज्ञान साझा करने, सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण को बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने सहयोग के ऐसे ठोस और परिणामोन्मुखी क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया, जिनसे सार्वजनिक संस्थानों को मजबूत करने, सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार करने और नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।

इस बैठक के साथ भारत और मलेशिया ने लोक प्रशासन, डिजिटल शासन, संस्थागत क्षमता निर्माण और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के क्षेत्र में अपने सहयोग को और गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।