धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण
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हेमा मालिनी ने कहा कि यह सम्मान धर्मेंद्र के जीवन, संघर्ष और सिनेमा को दी गई अमूल्य सेवाओं की सच्ची पहचान है।
पद्म पुरस्कार 2026 में फिल्म और मनोरंजन जगत की कई दिग्गज हस्तियों को भी राष्ट्रीय सम्मान मिला।
मुंबई/ भारतीय सिनेमा के इतिहास में धर्मेंद्र का नाम एक ऐसे अभिनेता के रूप में दर्ज है, जिन्होंने अभिनय को सिर्फ कला नहीं बल्कि संवेदना का माध्यम बनाया। केंद्र सरकार ने उनके इसी अद्वितीय योगदान को सम्मान देते हुए उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण देने का ऐलान किया है। यह सम्मान भारतीय सिनेमा के उस स्वर्णिम अध्याय को समर्पित है, जिसमें धर्मेंद्र ने दशकों तक दर्शकों का मनोरंजन किया।
धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 को मुंबई में हुआ था। उनके जाने के बाद यह घोषणा सामने आते ही फिल्म उद्योग और प्रशंसकों में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। इस सम्मान पर उनकी पत्नी और वरिष्ठ अभिनेत्री व राजनेत्री हेमा मालिनी ने गहरी भावुकता के साथ प्रतिक्रिया दी।
हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भारत सरकार द्वारा धरम जी के योगदान को पहचान देना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पद्म विभूषण उनके जीवन और कला की सच्ची पहचान है। एक इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मान उन्हें बहुत पहले मिल जाना चाहिए था, लेकिन देर से मिला यह सम्मान भी उतना ही गौरवपूर्ण है।
इस वर्ष के पद्म पुरस्कारों में फिल्म और मनोरंजन जगत की कई अन्य हस्तियों को भी सम्मानित किया गया है। मलयालम सिनेमा के महान अभिनेता ममूटी को पद्म भूषण, प्रसिद्ध गायिका अलका याज्ञनिक को पद्म भूषण, विज्ञापन जगत के दिग्गज पियूष पांडे को पद्म भूषण और अभिनेता आर. माधवन को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।
1935 में पंजाब में जन्मे धर्मेंद्र ने 1960 के दशक में हिंदी सिनेमा में कदम रखा। रोमांटिक हीरो, एक्शन स्टार और भावनात्मक किरदारों में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। शोले, धरमवीर, प्रतिज्ञा, सीता और गीता जैसी फिल्मों से वे भारतीय सिनेमा का अमिट हिस्सा बन गए। पद्म विभूषण के रूप में मिला यह सम्मान उनकी अमर विरासत को हमेशा जीवित रखेगा।