पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 20 ओवर में 153/9 रन ही बना सकी। पावरप्ले में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत करते हुए कीवी टीम को शुरुआती झटके दिए। पहले छह ओवर में न्यूजीलैंड का स्कोर 36/3 रहा, जिससे वह दबाव में आ गई। मध्य ओवरों में जरूर न्यूजीलैंड ने कुछ हद तक वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालकर रन गति पर लगाम लगाए रखी। डेथ ओवरों में भी न्यूजीलैंड बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।
इसके जवाब में भारत की बल्लेबाजी ने मैदान को रन मशीन में बदल दिया। पावरप्ले में ही भारतीय बल्लेबाजों ने मैच लगभग न्यूजीलैंड के हाथों से छीन लिया। पहले छह ओवर में भारत ने 94/2 रन ठोक दिए। चौकों-छक्कों की बारिश ने गुवाहाटी के दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। पावरप्ले में ही भारत ने 7 छक्के और 8 चौके जड़ दिए, जिससे मैच एकतरफा होता चला गया।
मिडिल ओवरों में भी भारतीय बल्लेबाजों का आक्रमण नहीं थमा। सात से ग्यारह ओवर के बीच भारत ने बिना कोई विकेट गंवाए 61 रन जोड़ दिए। हर ओवर में न्यूजीलैंड के गेंदबाज बेबस नजर आए। गेंद कहीं भी डाली जा रही थी, सीमा रेखा के बाहर जा रही थी।
इस ऐतिहासिक रनचेज़ के हीरो रहे कप्तान सूर्यकुमार यादव। उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें टी20 क्रिकेट का सबसे खतरनाक बल्लेबाज माना जाता है। सूर्यकुमार ने लगातार दूसरी फिफ्टी जड़ते हुए गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। ग्लेन फिलिप्स के ओवर में तो उन्होंने गुवाहाटी को मानो दीवाना ही कर दिया। फुल टॉस गेंद को मिड-विकेट की ओर शानदार बाउंड्री के लिए भेजकर उन्होंने मैच खत्म किया।
सिर्फ 9.5 ओवर में भारत ने लक्ष्य हासिल कर लिया और स्कोरबोर्ड पर लिखा गया—155/2। यह सिर्फ जीत नहीं थी, बल्कि न्यूजीलैंड पर पूरी तरह से दबदबे का ऐलान था। सूर्यकुमार यादव और अभिषेक शर्मा की साझेदारी ने दिखा दिया कि भारतीय बल्लेबाजी कितनी खतरनाक हो चुकी है।
गुवाहाटी में जो हुआ, वह केवल एक मैच नहीं था, बल्कि भारतीय टी20 क्रिकेट की ताकत का प्रदर्शन था। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने साफ संदेश दे दिया कि मौजूदा फॉर्म में उसे रोकना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं है।