Hazaribagh | सरस्वती विसर्जन पर बवाल: डीजे विवाद में पत्थरबाजी, आंसू गैस चली, बेलतू गांव बना रणक्षेत्र

Sun 25-Jan-2026,09:37 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

Hazaribagh | सरस्वती विसर्जन पर बवाल: डीजे विवाद में पत्थरबाजी, आंसू गैस चली, बेलतू गांव बना रणक्षेत्र Hazaribagh News
  • सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे को लेकर विवाद.

  • एक बच्चा समेत सात लोग घायल, पुलिसकर्मी भी चोटिल.

  • भीड़ नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल.

Jharkhand / Hazaribagh :

Hazaribagh / केरेडारी थाना क्षेत्र के बेलतू गांव में शनिवार की शाम मां सरस्वती की प्रतिमा विसर्जन के दौरान उस समय तनाव फैल गया, जब दो पक्षों के बीच हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते झड़प में बदल गया। इस घटना में एक बच्चे समेत सात लोग घायल हो गए, जबकि स्थिति को संभालने के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, बेलतू गांव के ग्रामीण सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के लिए रानी तालाब की ओर जा रहे थे। विसर्जन यात्रा के दौरान डीजे बजाया जा रहा था। इसी दौरान दूसरे पक्ष ने डीजे बजाने पर आपत्ति जताई। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला बढ़ गया और दोनों आमने-सामने आ गए। आरोप है कि इसके बाद पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

यह घटना शनिवार की रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। पत्थरबाजी में कई लोग घायल हो गए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। घटना की सूचना मिलते ही केरेडारी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के उग्र हो जाने के कारण हालात संभालना मुश्किल हो गया।

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को एक राउंड आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा, जिससे भीड़ तितर-बितर हुई और हालात पर काबू पाया जा सका। झड़प के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। फिलहाल किसी की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है।

घटना के बाद इलाके में एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है, ताकि दोबारा किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहा है।

हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य है और गांव में शांति व्यवस्था कायम है। एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी लोग झड़प और पत्थरबाजी में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान थोड़ी सी असहजता किस तरह बड़े विवाद का रूप ले सकती है। प्रशासन और समाज के जिम्मेदार लोगों से अपील की जा रही है कि वे संयम बनाए रखें, ताकि पर्व और उत्सव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सकें।