RDC 2026: राष्ट्रीय विद्यालय बैंड प्रतियोगिता से अनुशासन और एकता को बढ़ावा
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राष्ट्रीय विद्यालय बैंड प्रतियोगिता 2025-26 ने स्कूली छात्रों में अनुशासन, टीम वर्क और संगीत उत्कृष्टता को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया।
गणतंत्र दिवस समारोह से जुड़ी यह प्रतियोगिता युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करती है।
Delhi/ राष्ट्रीय विद्यालय बैंड प्रतियोगिता 7,2025-26 का आयोजन गणतंत्र दिवस समारोह के उपलक्ष्य में किया गया, जिसमें देशभर के विद्यालयों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस वर्ष प्रतियोगिता में 11 राज्यों की 18 चयनित स्कूल बैंड टीमों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी संगीत प्रतिभा और अनुशासन का प्रदर्शन किया। इन टीमों का चयन राज्य एवं क्षेत्रीय स्तर की कठोर प्रतियोगिताओं के बाद किया गया।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में कुल 18,013 छात्रों की 763 टीमों ने हिस्सा लिया, जबकि क्षेत्रीय स्तर पर 94 टीमों का चयन हुआ। अंततः इनमें से 18 सर्वश्रेष्ठ बैंड टीमों को राष्ट्रीय फाइनल में पहुंचने का अवसर मिला। यह आंकड़े स्वयं इस बात का प्रमाण हैं कि प्रतियोगिता ने स्कूली स्तर पर संगीत और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को नई पहचान दी है।
समारोह को संबोधित करते हुए डीओएसईएल सचिव श्री संजय कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय विद्यालय बैंड प्रतियोगिता जैसे मंच छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क, अनुशासन और रचनात्मकता को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना के अनुरूप है, जो कक्षा से बाहर सीखने के अवसरों को बढ़ावा देती है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि स्कूल बैंड की परंपरा सशस्त्र बलों से प्रेरित है, जहां संगीत वीरता, एकता और मनोबल का प्रतीक रहा है। युद्ध जैसी कठिन परिस्थितियों में भी सैन्य बैंड ने सैनिकों का उत्साह बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। इसी परंपरा से प्रेरणा लेकर स्कूली बैंड छात्रों में देशभक्ति और सामूहिक भावना का विकास करते हैं।
रक्षा मंत्रालय के सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने अपने संबोधन में शिक्षा मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह के अंतर्गत इस प्रतियोगिता को संस्थागत रूप देना युवाओं में राष्ट्रीय सेवा और अनुशासन की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने प्रतिभागी छात्रों की सटीकता, समर्पण और संगीत उत्कृष्टता की प्रशंसा करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया।
कार्यक्रम के अंत में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. अमरप्रीत दुग्गल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों, सहभागी विद्यालयों, मार्गदर्शक शिक्षकों और आयोजन टीम के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। यह प्रतियोगिता न केवल संगीत प्रतिभा का उत्सव रही, बल्कि देश के युवाओं में एकता, अनुशासन और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम भी बनी।