दिल्ली हेल्थ स्कैम में ACB का बड़ा एक्शन, पूर्व DGHS डॉ. वत्सला गिरफ्तार

Sun 28-Jun-2026,06:30 PM IST +05:30

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दिल्ली हेल्थ स्कैम में ACB का बड़ा एक्शन, पूर्व DGHS डॉ. वत्सला गिरफ्तार Delhi Health Scam
  • 600 करोड़ रुपये के कथित स्वास्थ्य घोटाले में पूर्व DGHS समेत दो अधिकारी गिरफ्तार।

  •  मेडिकल उपकरण और दवाओं की खरीद में अनियमितताओं के गंभीर आरोप।

  • ACB और ED दोनों एजेंसियां मामले की जांच में जुटीं।

Delhi / Delhi :

Delhi / दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में सामने आए कथित 600 करोड़ रुपये के घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। 27 जून की रात ACB ने स्वास्थ्य सेवाओं की पूर्व महानिदेशक (DGHS) डॉ. वत्सला अग्रवाल और डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स नीरज चोपड़ा को हिरासत में लिया। इससे पहले 18 जून को सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के प्रमुख डॉ. विजय कुमार रंगा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इस तरह मामले में अब तक कुल तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला दिल्ली सरकार के अस्पतालों के लिए दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और अन्य जरूरी सामानों की खरीद में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया और सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

ACB का दावा है कि पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, बेडशीट, सी-आर्म रेडियोलॉजिकल उपकरण, एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन, ओआरएस पैकेट, सर्जिकल सामग्री और दवाओं की खरीद अत्यधिक बढ़ी हुई कीमतों पर की गई। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया को इस तरह तैयार किया गया कि कुछ चुनिंदा सप्लायर्स को ही लाभ मिल सके और अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियां बाहर हो जाएं।

जांच में सामने आया है कि कई वस्तुओं की कीमत बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दिखाई गई। उदाहरण के तौर पर, पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की खरीद में लगभग 230 प्रतिशत तक कीमत बढ़ाए जाने का आरोप है। इसी तरह बेडशीट की कीमत में 200 प्रतिशत, सी-आर्म रेडियोलॉजिकल उपकरणों में 340 प्रतिशत और ओआरएस की खरीद में 500 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का दावा किया गया है।

बताया जा रहा है कि सामान्य तौर पर लगभग 2.5 रुपये में मिलने वाले एक ओआरएस पैकेट को कथित रूप से 15 रुपये प्रति पैकेट की दर से खरीदा गया। इसी तरह अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली बेडशीट, जो करीब 150 रुपये में उपलब्ध हो सकती थी, उसे लगभग 450 रुपये में खरीदे जाने का आरोप है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इन अनियमितताओं के कारण सरकारी धन का भारी नुकसान हुआ।

मामले की शुरुआत दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग की जांच से हुई थी। विभाग ने कथित गड़बड़ियों का पता लगाकर अपनी रिपोर्ट एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंपी थी। इसके आधार पर 2 जून को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

डॉ. वत्सला अग्रवाल को पहले ही DGHS पद से हटाया जा चुका था। बाद में उन्हें निलंबित भी कर दिया गया था। अब उनकी गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज हो गई है। दिल्ली सरकार ने इस मामले में पांच फार्मासिस्ट और CPA के दो अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया है।

इस कथित घोटाले की जांच फिलहाल दो एजेंसियां कर रही हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो टेंडर प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और धोखाधड़ी के पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की पड़ताल कर रहा है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कथित तौर पर भ्रष्टाचार से अर्जित धन को कहां और किस तरह इस्तेमाल किया गया।

फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां अन्य अधिकारियों, सप्लायर्स तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।