ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा: होर्मुज संकट गहराया, ब्रिटेन का बड़ा एक्शन, तेल कीमतों में उछाल

Tue 14-Jul-2026,03:53 PM IST +05:30

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ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा: होर्मुज संकट गहराया, ब्रिटेन का बड़ा एक्शन, तेल कीमतों में उछाल Iran US Tensions
  • ब्रिटेन ने ईरान समर्थित IMCR संगठन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।

  • ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से होर्मुज क्षेत्र में संकट गहराया।

  • तेल कीमतों में उछाल, वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर की आशंका बढ़ी।

Tehran Province / Tehran :

Tehran / मध्य पूर्व में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब पूरे क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से लेकर खाड़ी देशों और यूरोप तक सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बीच तेल की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है।

ब्रिटेन सरकार ने सोमवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए ईरान समर्थित संगठन इस्लामिक मूवमेंट ऑफ द कंपैनियंस ऑफ द राइट (IMCR) पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। ब्रिटेन का आरोप है कि इस संगठन ने देश में यहूदी समुदाय से जुड़े कई ठिकानों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया। ब्रिटिश सुरक्षा मंत्री एंजेला ईगल के अनुसार, संगठन ने सात हमलों की जिम्मेदारी ली है। इनमें यहूदी धार्मिक स्थलों, चैरिटी एंबुलेंस सेवाओं और ईरान सरकार की आलोचना करने वाले मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया गया। ब्रिटेन ने दावा किया कि इन गतिविधियों के पीछे ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स की भूमिका रही है।

उधर, यमन में हूती विद्रोहियों ने आरोप लगाया है कि सऊदी अरब ने सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं। हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि यह कार्रवाई क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों को झटका देने वाली है और इसका जवाब दिया जाएगा। हमलों के बाद हवाई अड्डे और आसपास के क्षेत्रों को खाली कराने के आदेश जारी किए गए हैं।

इसी बीच ईरान के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित बंदर अब्बास और केश्म द्वीप के आसपास कई विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, हालांकि विस्फोटों के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।

क्षेत्रीय तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन, कुवैत और ओमान में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उनसे जुड़े प्रतिष्ठानों पर हमले करने का दावा किया। संगठन का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई है। जॉर्डन ने भी दावा किया है कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली ईरानी मिसाइलों को मार गिराया।

इन घटनाओं का सबसे बड़ा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है। बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतों में चार प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई और यह लगभग एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य गतिविधियों और जवाबी हमलों के बावजूद कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की आक्रामक रणनीतियां भविष्य में बातचीत की राह को और कठिन बना सकती हैं। फिलहाल दुनिया की नजर मध्य पूर्व की स्थिति पर बनी हुई है, क्योंकि यहां का हर घटनाक्रम वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और ऊर्जा बाजार को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।