Vice Admiral Manish Chaddha: 35 वर्षों की उत्कृष्ट सेवा, भारतीय नौसेना के प्रेरणादायक अधिकारी

Mon 03-Aug-2026,10:13 PM IST +05:30

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Vice Admiral Manish Chaddha: 35 वर्षों की उत्कृष्ट सेवा, भारतीय नौसेना के प्रेरणादायक अधिकारी Vice Admiral Manish Chaddha Profile
  • वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा ने 35 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय नौसेना में सेवा दी।

  •  नौसेना अकादमी के कमांडेंट सहित कई महत्वपूर्ण कमान और प्रशासनिक पद संभाले।

  • उत्कृष्ट सेवाओं के लिए AVSM और VSM से सम्मानित किए जा चुके हैं।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा ने अपने 35 वर्षों से अधिक लंबे और गौरवशाली सैन्य करियर के दौरान नेतृत्व, रणनीतिक सोच और उत्कृष्ट सेवा का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है। संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्धकला के विशेषज्ञ वाइस एडमिरल चड्ढा ने समुद्र और तट, दोनों स्तरों पर कई महत्वपूर्ण परिचालन, प्रशिक्षण और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है।

वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला के 78वें पाठ्यक्रम के पूर्व छात्र हैं। उन्हें 1 जुलाई 1991 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था। उन्होंने वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज के 61वें स्टाफ कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा किया तथा अमेरिका के वाशिंगटन स्थित नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी से उच्च कमान (हायर कमांड) पाठ्यक्रम भी किया।

अपने सैन्य जीवन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण नौसैनिक पोतों और इकाइयों का नेतृत्व किया। समुद्री दायित्वों के तहत उन्होंने भारतीय तटरक्षक बल की इंटरसेप्टर नौका सीजीएस-05 तथा भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस वीर, आईएनएस कृपाण और आईएनएस मैसूर की कमान संभाली। इन जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने परिचालन क्षमता, समुद्री सुरक्षा और नौसैनिक तैयारियों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

वाइस एडमिरल चड्ढा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में नौसेना अताशे के रूप में कार्य किया, जहां भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नौसेना मुख्यालय में उन्होंने अत्यल्प आवृत्ति (VLF) और उपग्रह संचार से जुड़ी कई रणनीतिक परियोजनाओं का नेतृत्व किया। इसके अलावा, वे इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू-2016 के निदेशक भी रहे, जिसका सफल आयोजन भारतीय नौसेना की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को और मजबूत करने वाला साबित हुआ।

फ्लैग रैंक पर पदोन्नति के बाद उन्होंने फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग, गुजरात नौसैनिक क्षेत्र, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग, महाराष्ट्र नौसैनिक क्षेत्र, सहायक कार्मिक प्रमुख (प्रशासन एवं असैनिक) तथा सहायक कार्मिक प्रमुख (मानव संसाधन विकास) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। इन दायित्वों के दौरान उन्होंने प्रशासनिक सुधार, मानव संसाधन विकास और संगठनात्मक क्षमता को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई।

वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्हें भारतीय नौसेना अकादमी का कमांडेंट नियुक्त किया गया। इस पद पर उन्होंने भावी नौसैनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास और आधुनिक सैन्य शिक्षा को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

भारतीय नौसेना में उनके उत्कृष्ट योगदान और विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2025 में अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) तथा वर्ष 2017 में विशिष्ट सेवा पदक (VSM) से सम्मानित किया गया। वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा का समर्पण, नेतृत्व और पेशेवर उत्कृष्टता भारतीय नौसेना की गौरवशाली परंपरा का सशक्त उदाहरण मानी जाती है।