जिनेवा बैठक से पहले ट्रंप-जेलेंस्की बातचीत, रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्ति पर अहम चर्चा
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Russia Ukraine War
ट्रंप और जेलेंस्की के बीच युद्ध समाप्ति पर विस्तृत चर्चा.
जिनेवा बैठक और त्रिपक्षीय वार्ता की तैयारी.
अमेरिका-यूक्रेन रक्षा सहयोग और शांति प्रयासों पर जोर.
America / जिनेवा में प्रस्तावित महत्वपूर्ण बैठक से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच फोन पर विस्तृत बातचीत हुई। यह चर्चा ऐसे समय में हुई है जब रूस-यूक्रेन युद्ध लंबा खिंच चुका है और वैश्विक स्तर पर शांति प्रयासों को नई दिशा देने की जरूरत महसूस की जा रही है। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य युद्ध को समाप्त करने के संभावित रास्तों पर गंभीर विचार-विमर्श करना था।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस कॉल की जानकारी साझा करते हुए बताया कि बातचीत में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल थे। उन्होंने शांति प्रयासों में ट्रंप और उनकी टीम की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया। यह संकेत देता है कि अमेरिका इस मुद्दे पर कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। दोनों नेताओं ने जिनेवा में होने वाली द्विपक्षीय बैठक के एजेंडे पर विस्तार से चर्चा की, साथ ही मार्च की शुरुआत में प्रस्तावित त्रिपक्षीय सत्र की तैयारियों पर भी विचार किया।
शांति की दिशा में रणनीतिक पहल
जेलेंस्की ने बातचीत के दौरान ‘पीयूआरएल’ पहल को विशेष महत्व देने की बात कही। हालांकि इस पहल के विस्तृत ब्योरे सार्वजनिक नहीं किए गए, लेकिन यह स्पष्ट है कि यूक्रेन इस मंच को संवाद और समाधान की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देख रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका से खरीदी गई एयर डिफेंस मिसाइलें इस कठिन सर्दी में यूक्रेन के नागरिकों की सुरक्षा के लिए बेहद अहम साबित हो रही हैं। लगातार हमलों के बीच ये रक्षा प्रणालियां लोगों की जान बचाने और बुनियादी ढांचे की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जेलेंस्की का मानना है कि जिनेवा और आगामी बैठकों के माध्यम से बातचीत को शीर्ष नेताओं के स्तर तक ले जाने का अवसर मिलेगा। उनके अनुसार, इतने जटिल और संवेदनशील मुद्दों को सुलझाने के लिए उच्चतम स्तर पर सीधा संवाद ही सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने के लिए निर्णायक राजनीतिक इच्छाशक्ति और स्पष्ट रणनीति की आवश्यकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इन शांति प्रयासों का समर्थन किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग देना चाहता है।
चार साल का संघर्ष और यूक्रेन का संकल्प
इस कूटनीतिक पहल से पहले, जेलेंस्की ने रूस के हमले के चार साल पूरे होने पर देश को संबोधित किया था। उन्होंने याद दिलाया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने केवल तीन दिनों में कीव पर कब्जा करने की योजना बनाई थी। हालांकि, यूक्रेन के कड़े प्रतिरोध ने उस शुरुआती आक्रामक रणनीति को विफल कर दिया। जेलेंस्की के अनुसार, यह संघर्ष केवल सैन्य टकराव नहीं, बल्कि आजादी और संप्रभुता की रक्षा की लड़ाई है।
उन्होंने यूक्रेन के नागरिकों, सैनिकों और स्वयंसेवकों के साहस और बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि देश ने भारी चुनौतियों के बावजूद अपनी स्वतंत्रता को बरकरार रखा है। मौजूदा परिस्थितियों में जिनेवा बैठक और उससे जुड़ी वार्ताएं उम्मीद की नई किरण के रूप में देखी जा रही हैं। अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ये प्रयास युद्ध की दिशा बदल पाएंगे और स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकेंगे।