MP बजट सत्र 16 फरवरी से

Tue 10-Feb-2026,03:40 PM IST +05:30

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MP बजट सत्र 16 फरवरी से MP-Vidhan-Sabha-Budget-Session-2026-Security-Restrictions
  • मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक, सुरक्षा व्यवस्था के तहत भोपाल में धारा 163 लागू।

  • विधानसभा परिसर के पांच किलोमीटर दायरे में धरना-प्रदर्शन और भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध।

Madhya Pradesh / Bhopal :

Bhopal/ मध्यप्रदेश विधानसभा का बहुप्रतीक्षित बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च 2026 तक चलेगा। सत्र को लेकर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। जहां एक ओर विपक्षी कांग्रेस सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भोपाल पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर कई अहम प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

सत्र से पहले सख्त प्रशासनिक तैयारियां

बजट सत्र को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने शहर में धारा 163 लागू कर दी है। इस आदेश के तहत किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी। साथ ही किसी भी प्रकार के हथियार, लाठी, डंडा, पत्थर या धारदार वस्तु लेकर चलने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि शादी समारोह, बारात और शवयात्रा को इस आदेश से बाहर रखा गया है।

विधानसभा के 5 किलोमीटर दायरे में धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित

विधानसभा परिसर के चारों ओर पांच किलोमीटर की परिधि में धरना, प्रदर्शन, जुलूस और रैली जैसे किसी भी आयोजन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे भारी वाहनों की आवाजाही भी रोकी गई है। यह प्रतिबंध लिली टॉकीज से सातवीं बटालियन, एमवीएम कॉलेज, एयरटेल तिराहा से रोशनपुरा मार्ग जैसे प्रमुख रास्तों पर लागू रहेगा।

19 दिन का सत्र, 12 बैठकें

इस बार का बजट सत्र कुल 19 दिनों का होगा, जिसमें 12 बैठकें प्रस्तावित हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार ने लगभग 4.21 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। ऐसे में इस बार भी शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, रोजगार और किसानों से जुड़े बड़े ऐलानों की उम्मीद की जा रही है।

राजनीतिक माहौल गर्म

कांग्रेस पहले ही महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर चुकी है। ऐसे में यह बजट सत्र न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है।