JPSC-JSSC Protest: 20वें दिन भी आंदोलन जारी, 15 अगस्त को तिरंगा यात्रा
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JPSC-JSSC Protest
JPSC-JSSC विवाद को लेकर 20वें दिन भी आंदोलन जारी।
15 अगस्त को अभ्यर्थी तिरंगा यात्रा निकालेंगे।
छात्र CBI जांच और परीक्षाएं रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
Ranchi / JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितता और पेपर लीक के आरोपों को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अभ्यर्थियों का आंदोलन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। आंदोलन के 20वें दिन अभ्यर्थियों ने 15 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा की है। छात्रों के अनुसार, यात्रा शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित की जाएगी।
आंदोलनकारी रविंद्र पासवान ने बताया कि छात्रों की ओर से प्रतिदिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सरकार का ध्यान छात्रों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों की ओर आकर्षित करना है। गुरुवार शाम को भी आंदोलन स्थल पर कार्यक्रम आयोजित किया जाना है।
दो दौर की वार्ता के बाद भी नहीं बनी बात
अभ्यर्थियों के मुताबिक, सरकार के प्रतिनिधियों के साथ अब तक दो बार बातचीत हो चुकी है। हालांकि, दोनों दौर की वार्ता के बाद सरकार की ओर से आगे चर्चा के लिए कोई नया निमंत्रण नहीं मिला है। छात्रों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द दोबारा बातचीत के लिए बुलाएगी।
छात्रों ने मांग की है कि अगली वार्ता में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं उनके प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करें। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री स्तर पर सीधे संवाद होने से छात्रों, युवाओं और उनके अभिभावकों के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा। अभ्यर्थियों का दावा है कि राज्य के अलग-अलग जिलों से छात्र लगातार रांची पहुंचकर आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।
CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में JSSC CGL समेत TDPL एजेंसी के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, संबंधित परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की CBI जांच शामिल है। छात्रों का कहना है कि इसे केवल परीक्षा से जुड़ा मामला नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि यह युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।
आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं और दर्ज प्राथमिकी को लेकर भी छात्रों ने अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि यदि भीड़ में किसी असामाजिक तत्व ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है तो प्रशासन उसकी पहचान कर कार्रवाई करे, लेकिन किसी एक व्यक्ति की हरकत के लिए पूरे छात्र आंदोलन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
राजनीतिक समर्थन पर छात्रों का जवाब
अभ्यर्थियों ने आंदोलन को राजनीतिक स्वरूप दिए जाने के आरोपों को खारिज किया है। छात्रों का कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अपने अधिकारों के लिए चलाया जा रहा आंदोलन है।
छात्रों के मुताबिक, कांग्रेस, JMM और भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और प्रतिनिधि आंदोलन स्थल पर पहुंचकर समर्थन दे चुके हैं। हालांकि, छात्रों का कहना है कि उन्होंने किसी एक दल का समर्थन नहीं किया है और सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों तथा आम लोगों से अपनी मांगों के समर्थन की अपील की है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि किसी राजनीतिक दल का नैतिक समर्थन मिलना आंदोलन को राजनीतिक नहीं बना देता। उनके अनुसार, आंदोलन में किसी पार्टी का झंडा नहीं बल्कि तिरंगा लेकर मांगें उठाई जा रही हैं।
छात्रों ने कहा कि परीक्षा में कथित पेपर लीक और सेटिंग-गेटिंग जैसे आरोप सीधे युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं। इसलिए इस मुद्दे को सत्ता पक्ष और विपक्ष की राजनीति से अलग रखते हुए छात्रों की शिकायतों और मांगों के आधार पर देखा जाना चाहिए। अभ्यर्थियों ने संविधान, महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और भगवान बिरसा मुंडा के विचारों से प्रेरणा लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की बात कही। उन्होंने दोहराया कि सरकार की ओर से मांगों पर ठोस निर्णय आने तक आंदोलन जारी रहेगा।