राम नाथ कोविंद की आत्मकथा का विमोचन, ओम बिरला ने बताया संघर्ष और संकल्प की प्रेरक गाथा

Wed 12-Aug-2026,10:57 PM IST +05:30

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राम नाथ कोविंद की आत्मकथा का विमोचन, ओम बिरला ने बताया संघर्ष और संकल्प की प्रेरक गाथा Triumph of Indian Republic
  • राम नाथ कोविंद की आत्मकथा का प्रधानमंत्री मोदी ने विमोचन किया।

  • ओम बिरला ने कोविंद की जीवन यात्रा को प्रेरणादायक बताया।

  • पुस्तक में संघर्ष, संविधान, सामाजिक न्याय और राष्ट्रसेवा के अनुभव शामिल हैं।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ का विमोचन किया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई विशिष्टजन मौजूद रहे। ओम बिरला ने पुस्तक के लोकार्पण को गौरव का विषय बताते हुए कहा कि यह आत्मकथा दृढ़ संकल्प, संघर्ष और उपलब्धियों की प्रेरक गाथा है।

अपने संबोधन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राम नाथ कोविंद के जीवन संघर्ष और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कोविंद का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद मजबूत इच्छाशक्ति, शिक्षा और निरंतर परिश्रम के माध्यम से व्यक्ति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच सकता है।

ओम बिरला ने कोविंद के प्रारंभिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा हासिल करने के दौरान उन्हें कई कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रपति पद तक पहुंचने की उनकी यात्रा उनकी असाधारण संकल्पशक्ति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कोविंद का यह जीवन संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्थायी स्रोत रहेगा।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति राम नाथ कोविंद की प्रतिबद्धता उनके सार्वजनिक जीवन के प्रत्येक चरण में दिखाई देती है। अधिवक्ता के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और संविधान तथा सामाजिक न्याय से जुड़े विषयों के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इसके बाद सांसद के रूप में उनका कार्यकाल अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण, सामाजिक न्याय तथा सार्वजनिक जीवन में शुचिता के प्रति उनके समर्पण का महत्वपूर्ण अध्याय रहा।

राज्यपाल के रूप में कोविंद के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए ओम बिरला ने कहा कि उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, गुणवत्ता और तकनीकी नवाचार को नई दिशा देने का प्रयास किया। इसके बाद भारत के राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने संवैधानिक परंपराओं को मजबूत करने के साथ सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

ओम बिरला ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति के रूप में विभिन्न देशों की यात्राओं के माध्यम से राम नाथ कोविंद ने भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों और राजनयिक संपर्कों को मजबूत करने में योगदान दिया। कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतीपूर्ण अवधि में भी उन्होंने देशवासियों के बीच साहस, एकता और विश्वास का संदेश पहुंचाने का काम किया। बिरला ने राष्ट्रपति भवन को आम जनता के लिए अधिक सुलभ बनाने को भी कोविंद की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल बताया।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी राम नाथ कोविंद सार्वजनिक जीवन से अलग नहीं हुए हैं। अपने अनुभव, चिंतन और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से वे लगातार देश, संविधान और समाज में योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ के माध्यम से पाठकों को राम नाथ कोविंद के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों और अनुभवों को जानने का अवसर मिलेगा। यह पुस्तक विशेष रूप से युवाओं को सार्वजनिक जीवन में सार्थक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर सकती है।

ओम बिरला ने कहा कि राम नाथ कोविंद की जीवन यात्रा केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, शिक्षा, संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का भी उदाहरण है। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन पर पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

पुस्तक के विमोचन के साथ ही राम नाथ कोविंद के सार्वजनिक जीवन, संघर्षों और अनुभवों को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाने का एक नया अवसर सामने आया है। यह आत्मकथा उनके जीवन के विभिन्न पड़ावों को समझने के साथ-साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं और सार्वजनिक सेवा के महत्व पर भी पाठकों को सोचने का अवसर प्रदान करेगी।