Vaibhav Suryavanshi Dropped: सिर्फ 3 मैच बाद बाहर, फैसले पर मचा बवाल

Sat 11-Jul-2026,11:39 PM IST +05:30

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Vaibhav Suryavanshi Dropped: सिर्फ 3 मैच बाद बाहर, फैसले पर मचा बवाल Vaibhav Suryavanshi Dropped
  • वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ तीन मैचों के बाद प्लेइंग इलेवन से बाहर किया गया।

  • सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री और नासिर हुसैन ने फैसले पर सवाल उठाए।

  • संजू सैमसन की टीम में वापसी, टीम संयोजन पर बहस तेज।

Maharashtra / Mumbai :

Mumbai / इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले में भारतीय टीम प्रबंधन के एक फैसले ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को केवल तीन मैच खेलने के बाद प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया, जबकि उनकी जगह अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन को टीम में वापस शामिल किया गया। यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि भारत पहले ही सीरीज गंवा चुका था और आखिरी मुकाबले का परिणाम सीरीज पर कोई असर डालने वाला नहीं था।

इंग्लैंड ने शुरुआती चार मैचों में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली थी। पहला मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका था, जबकि अगले तीन मुकाबले इंग्लैंड ने जीत लिए। वैभव सूर्यवंशी को दूसरे टी20 में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका मिला था। हालांकि, वह अपनी प्रतिभा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके और तीन पारियों में क्रमशः 14, 13 और 15 रन ही बना पाए। तेज स्ट्राइक रेट से खेलने के बावजूद वह इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की अतिरिक्त उछाल वाली गेंदों के सामने सहज नजर नहीं आए।

दूसरी ओर, संजू सैमसन को पहले टीम से बाहर किया गया था क्योंकि उनकी पिछली तीन पारियां बेहद निराशाजनक रही थीं। उन्होंने 5, 0 और 1 रन बनाए थे। ऐसे में उन्हें फिर से टीम में शामिल किए जाने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए। खासकर तब, जब वैभव को आगामी जिम्बाब्वे दौरे की टी20 टीम में जगह मिली है और संजू उस टीम का हिस्सा नहीं हैं।

भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर इस फैसले से बिल्कुल सहमत नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि जब सीरीज का नतीजा पहले ही तय हो चुका था और टीम के पास खोने के लिए कुछ नहीं था, तब युवा खिलाड़ी को और अवसर दिया जाना चाहिए था। उनके अनुसार, केवल तीन मैचों के बाद 15 वर्षीय खिलाड़ी को बाहर करना उसके आत्मविश्वास पर असर डाल सकता है। गावस्कर ने उम्मीद जताई कि टीम प्रबंधन वैभव का मनोबल बनाए रखने के लिए उससे सकारात्मक बातचीत करेगा।

पूर्व इंग्लैंड कप्तान नासिर हुसैन और पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने भी इसी तरह की राय व्यक्त की। उनका मानना था कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए वैभव को और मौके मिलने चाहिए थे। खासकर ऐसे समय में जब भारतीय टीम नए ओपनिंग संयोजन की तलाश कर रही है।

हालांकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन विभिन्न संयोजनों को परख रहा है और यह समझने की कोशिश कर रहा है कि भविष्य के लिए सबसे उपयुक्त टीम संयोजन कौन-सा होगा। इसी सोच के तहत संजू सैमसन को वापस शामिल किया गया।

अब भारतीय टीम का अगला लक्ष्य 23 जुलाई से शुरू होने वाली जिम्बाब्वे टी20 सीरीज होगी। वहां वैभव सूर्यवंशी को फिर से मौका मिलने की पूरी संभावना है। यदि वह अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो एशियाई खेलों और भविष्य की योजनाओं में उनकी दावेदारी मजबूत होगी। लेकिन इंग्लैंड सीरीज में उन्हें केवल तीन मैचों के बाद बाहर किए जाने का फैसला आने वाले दिनों में चर्चा का विषय बना रहेगा और टीम प्रबंधन की रणनीति पर सवाल उठाता रहेगा।