Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढही, 3 की मौत, 9 लोगों का रेस्क्यू
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Satya Niketan Building Collapse
सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने से तीन लोगों की मौत की खबर है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
इमारत में पीजी संचालित था और बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।
Delhi / दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई, जिसके मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की खबर है, जबकि तीन घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत और बचाव अभियान के दौरान नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से तीन घायलों को बेहतर इलाज के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
बताया जा रहा है कि जिस इमारत में हादसा हुआ, वहां छात्रों का पीजी भी संचालित होता था। रविवार को छुट्टी होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र पीजी में मौजूद थे। इसी वजह से मलबे में छात्रों के फंसे होने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। घटनास्थल पर दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और विभिन्न राहत-बचाव एजेंसियों की टीमें लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रही हैं।
सीएम रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का लिया जायजा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, एहतियात के तौर पर पास की इमारत को भी खाली कराया गया है। प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर है।
बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें बेसमेंट के अलावा पांच ऊपरी मंजिलें थीं और इसका इस्तेमाल पीजी के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत के बेसमेंट में काफी समय से काम चल रहा था। यह भी दावा किया गया कि करीब एक महीने पहले बिल्डिंग को लेकर नोटिस दिया गया था और लगभग एक साल पहले इमारत को खाली कराया गया था। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अब बिल्डिंग मालिकों की तलाश में जुटी है। जानकारी के अनुसार, मालिक हरिओम बंसल और उनके भाई आनंद बंसल बताए जा रहे हैं, जो गुरुग्राम के रहने वाले हैं।
मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी
हादसे के बाद घटनास्थल से सामने आए दृश्यों में मलबे के नीचे एक व्यक्ति का पैर फंसा दिखाई दिया। दमकलकर्मी सावधानी से मलबा हटाकर उसे बाहर निकालने की कोशिश करते नजर आए। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी राहत-बचाव अभियान में मदद की।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अब तक कई लोगों को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है और सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मौके पर आठ दमकल गाड़ियां और विभिन्न विभागों की बचाव टीमें तैनात हैं। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।
एक चश्मदीद ने बताया कि जिस इमारत को ‘हॉस्टल डेज’ कहा जा रहा है, वह लड़कों का पीजी था। उनके मुताबिक, कमरे के अंदर मौजूद कुछ छात्र मलबे में दब गए। फिलहाल प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मलबे के नीचे फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।