IESO 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, 4 स्वर्ण समेत 9 पदक जीतने वाले छात्रों का सम्मान

Fri 04-Sep-2026,05:50 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

IESO 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, 4 स्वर्ण समेत 9 पदक जीतने वाले छात्रों का सम्मान International Earth Science Olympiad
  • IESO 2026 में भारत ने 4 स्वर्ण समेत कुल 9 पदक जीते।

  • सौमिक मंडल ने 39 देशों के बीच वैश्विक रैंकिंग में तीसरा स्थान हासिल किया।

  • डॉ. जितेंद्र सिंह ने विजेता छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों को सम्मानित किया।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड (IESO) 2026 में भारत का नाम रोशन करने वाले युवा प्रतिभाशाली छात्रों का बुधवार को नई दिल्ली में सम्मान किया गया। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने पृथ्वी भवन, लोधी रोड में आयोजित विशेष सराहना एवं प्रोत्साहन बैठक में ‘टीम इंडिया स्कूल’ के विजेता छात्रों से मुलाकात की और उनकी उपलब्धि की सराहना की।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने छात्रों, उनके माता-पिता और संबंधित विद्यालयों को बधाई देते हुए कहा कि इन युवा उपलब्धिधारकों ने देश को वैश्विक स्तर पर गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को केंद्र में रखते हुए विभिन्न आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और युवा पीढ़ी को पृथ्वी प्रणाली विज्ञान के अध्ययन तथा अनुसंधान के लिए प्रेरित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

39 देशों के बीच भारत ने जीते 9 पदक
19वां अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड 20 से 27 अगस्त 2026 तक इटली के तुरिन में अंतरराष्ट्रीय भूविज्ञान संगठन के तत्वावधान में आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में 39 देशों के छात्र प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। भारतीय टीम ने लिखित एवं व्यावहारिक परीक्षाओं, अंतरराष्ट्रीय टीम फील्ड जांच (ITFI) और पृथ्वी विज्ञान परियोजना (ESP) जैसी विभिन्न श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 9 पदक अपने नाम किए।

भारत के पदकों में 4 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य शामिल हैं। यह प्रतियोगिता के इतिहास में भारत का अब तक का सर्वोच्च पदक प्रदर्शन बताया गया है।

सौमिक मंडल ने हासिल किया तीसरा वैश्विक स्थान
भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन में सौमिक मंडल का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित डीएवी मॉडल स्कूल के छात्र सौमिक मंडल ने 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीता। उन्होंने 39 देशों के प्रतिभागियों के बीच समग्र वैश्विक रैंकिंग में तीसरा स्थान हासिल किया।

वहीं, पश्चिम बंगाल के डीएवी मॉडल स्कूल, आईआईटी-खड़गपुर के एरन मैती ने 1 स्वर्ण और 1 कांस्य पदक जीता। बिहार के पटना स्थित ज्ञान अस्थली इंटरनेशनल स्कूल के ऋद्धि रंजन ने 1 स्वर्ण और 1 रजत अपने नाम किए। जवाहर नवोदय विद्यालय, बिहार के मोहम्मद एहतेषाम रिज़वी ने 1 रजत और 1 कांस्य पदक हासिल किया।

राष्ट्रीय चयन से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
भारतीय छात्रों की यह उपलब्धि एक व्यापक राष्ट्रीय चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया का परिणाम रही। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के आउटरीच एवं जागरूकता कार्यक्रम के तहत आयोजित अखिल भारतीय स्तर की परीक्षा में देशभर के करीब 17,800 छात्रों ने 500 केंद्रों पर हिस्सा लिया। इस परीक्षा के आधार पर शीर्ष 25 छात्रों का चयन किया गया।

चयनित छात्रों ने जून 2026 में गुजरात के वडोदरा स्थित एम.एस. यूनिवर्सिटी में तीन सप्ताह के गहन प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया। प्रशिक्षण शिविर को देश के अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित करने की योजना के तहत वडोदरा में आयोजित किया गया।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार ने भी भारतीय दल की उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने छात्रों और उनके मार्गदर्शकों को प्रतियोगिता के इतिहास में भारत के सर्वोच्च पदक प्रदर्शन के लिए बधाई दी।

युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने पर जोर
मंत्रालय के अनुसार, IESO जैसी पहल भारत में पृथ्वी विज्ञान के प्रति वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही डीप ओशन मिशन, मिशन मौसम और PRITHVI जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के जरिए भी पृथ्वी विज्ञान से जुड़े विषयों पर शोध, जागरूकता और क्षमता निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

भारत के इन युवा वैज्ञानिकों की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि न केवल देश की वैज्ञानिक प्रतिभा को प्रदर्शित करती है, बल्कि पृथ्वी प्रणाली विज्ञान, भूविज्ञान और संबंधित अनुसंधान क्षेत्रों में नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाली उपलब्धि के रूप में भी देखी जा रही है।