सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: पुरानी इमारत पर चार मंजिलें बनाने का आरोप, 7 की मौत

Tue 08-Sep-2026,10:53 AM IST +05:30

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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: पुरानी इमारत पर चार मंजिलें बनाने का आरोप, 7 की मौत Satya Niketan Building Collapse
  • सत्य निकेतन हादसे की FIR में पुरानी इमारत पर चार मंजिलें जोड़ने का आरोप।

  • हादसे में सात लोगों की मौत, मृतकों में पांच छात्र शामिल हैं।

  • पुलिस ने बिल्डिंग मालिक, उनकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार किया।

Delhi / Delhi :

Delhi / दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। इस मामले में दर्ज FIR के मुताबिक, पुलिस ने आरोप लगाया है कि कई साल पुरानी इमारत के ऊपर किराए से अधिक कमाई के उद्देश्य से कथित तौर पर चार अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण कराया गया। पुलिस का दावा है कि बिल्डिंग मालिक और उनके भाई को यह जानकारी थी कि पुरानी इमारत की नींव अतिरिक्त भार झेलने की स्थिति में नहीं थी, इसके बावजूद निर्माण कराया गया।

FIR में पुलिस ने कहा है कि अतिरिक्त मंजिलों और नए निर्माण के कारण इमारत की मूल संरचना पर दबाव बढ़ गया था। पुलिस के अनुसार, भवन की भार वहन क्षमता पहले ही अपनी सीमा से आगे निकल चुकी थी। इसी वजह से इमारत के अचानक ढहने की आशंका जताई गई है। हालांकि, हादसे की अंतिम तकनीकी वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

सात लोगों की मौत, पांच छात्र शामिल
रविवार को शुरू हुआ राहत और बचाव अभियान सोमवार शाम तक जारी रहा। मलबे से कम से कम 12 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पांच छात्र शामिल हैं। उनकी पहचान अभिषेक (20), युवराज सोनी (20), पवन (17), अर्पित जाजज (19) और अक्षत सिंह यादव (18) के रूप में हुई है।

इसके अलावा 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह की भी हादसे में जान चली गई। सातवें मृतक की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है। हादसे में घायल असगर अली (30), नीरज बावन (19), आदित्य कुमार (19), नितिश चिब (19) और मोहम्मद अयान (18) का इलाज AIIMS ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है। इनमें तीन घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, हादसे के दिन पांच मृतकों और पांच घायलों को मलबे से निकाला गया था। इसके बाद सोमवार को बचाव अभियान के दौरान दो और शव बरामद किए गए।

PG में रह रहे थे छात्र और अन्य लोग
FIR में स्थानीय जांच का हवाला देते हुए बताया गया है कि इस इमारत में ‘Hostel Daze’ नाम से PG/हॉस्टल संचालित हो रहा था। ग्राउंड फ्लोर के अलावा इमारत में चार ऊपरी मंजिलें थीं और वहां बड़ी संख्या में छात्र तथा अन्य लोग रह रहे थे। इमारत के ढहने के बाद कई लोग मलबे के नीचे दब गए।

पुलिस ने FIR में यह भी आरोप लगाया है कि मालिक को इस बात का अंदाजा था कि अतिरिक्त निर्माण और बढ़े हुए भार के कारण इमारत गिर सकती है और उसमें रहने वाले लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। इसके बावजूद कथित तौर पर ऊपरी मंजिलों का निर्माण कराया गया।

मालिक, पत्नी और बेटे की गिरफ्तारी
इस मामले में FIR नंबर 153/2026 दक्षिण कैंपस थाने में रविवार रात ASI प्रफुल टोप्पो की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई। पुलिस ने BNS की धारा 105, 290 और 125(a) के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार किया है। हरिराम गुप्ता के बारे में बताया गया है कि वह भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त सार्जेंट हैं। हालांकि, FIR में आरोपी या संदिग्धों वाले कॉलम में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं है। दस्तावेज में बिल्डिंग के मालिक के तौर पर हरिराम गुप्ता और उनके भाई का उल्लेख किया गया है, लेकिन भाई का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है।

मामले की जांच दक्षिण कैंपस थाने के इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार कर रहे हैं। अब जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि पुरानी इमारत पर अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी अनुमति किस स्तर से मिली और निर्माण के दौरान भवन की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच की गई थी या नहीं। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।