दिल्ली भक्त ने सोने की गीता उडुपी मठ में भेंट कर दिखाई अद्वितीय श्रद्धा

Fri 09-Jan-2026,05:33 PM IST +05:30

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दिल्ली भक्त ने सोने की गीता उडुपी मठ में भेंट कर दिखाई अद्वितीय श्रद्धा Gold-Bhagavad-Gita-Udupi-Donation
  • दिल्ली के भक्त ने उडुपी मठ को सोने पर अंकित पूरी गीता भेंट कर भक्तिपूर्ण सेवा और आस्था का अद्वितीय उदाहरण पेश किया।

  • सुवर्ण गीता में 18 अध्याय और 700 श्लोक अत्यंत सूक्ष्म कारीगरी के साथ सोने की परतों पर उकेरे गए, मूल्य लगभग 2 करोड़ रुपये।

Delhi / West Delhi :

Delhi/ दिल्ली के एक श्रद्धालु लक्ष्मीनारायण ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी असीम श्रद्धा का अद्वितीय उदाहरण पेश किया। उन्होंने पूरी श्रीमद्भगवद गीता को विशेष रूप से निर्मित स्वर्ण पत्रों पर उकेरवा कर कर्नाटक के प्रसिद्ध उडुपी श्रीकृष्ण मठ को भेंट किया। इस दिव्य ग्रंथ की अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये है।

सुवर्ण गीता में गीता के सभी 18 अध्याय और 700 श्लोक अत्यंत सूक्ष्म कारीगरी के साथ अंकित किए गए हैं। यह गीता सामान्य कागज पर नहीं, बल्कि सोने की परतों पर तैयार की गई है। इसे लक्ष्मीनारायण ने अपने आराध्य श्रीकृष्ण को समर्पित करने के उद्देश्य से तैयार कराया, जिसे अब ‘सुवर्ण गीता’ के नाम से जाना जा रहा है।

8 जनवरी को उडुपी श्रीकृष्ण मंदिर में आयोजित विश्व गीता पर्याया समापन समारोह के दौरान इस सुवर्ण गीता का भव्य अनावरण हुआ। समारोह में इसे सोने के रथ में विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद पुत्तिगे मठ के चौथे पर्याया समापन अवसर पर, श्री सुगुनेंद्रतीर्थ स्वामीजी की उपस्थिति में भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में यह अनमोल ग्रंथ अर्पित किया गया।

यह आयोजन कोटि गीता लेखन यज्ञ जैसे आध्यात्मिक अभियानों की स्मृति में किया गया। इसका उद्देश्य गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना और गीता परंपरा को आगे बढ़ाना है।

इस अनूठे दान ने यह स्पष्ट किया कि सच्ची भक्ति में मूल्य नहीं बल्कि भावना सर्वोपरि होती है। सुवर्ण गीता ने न केवल उडुपी श्रीकृष्ण मठ की गरिमा बढ़ाई, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक प्रेरणा भी प्रदान की है। यह ग्रंथ कर्म, धर्म और सत्य के मार्गदर्शन का प्रतीक बन गया है।