Prayagraj Convocation 2026: सांस्कृतिक प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र, राज्यपाल ने सराहा

Fri 17-Jul-2026,12:32 AM IST +05:30

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Prayagraj Convocation 2026: सांस्कृतिक प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र, राज्यपाल ने सराहा Prayagraj Convocation 2026
  • दीक्षांत समारोह में बालिकाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

  • राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रशिक्षिका ममता दिवाकर की सराहना की।

  • राजकीय बालगृह की बालिकाओं की प्रतिभा और आत्मविश्वास को मिली पहचान।

Uttar Pradesh / Prayagraj (Allahabad) :

प्रयागराज / प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय, प्रयागराज के 9वें दीक्षांत समारोह में एक भावनात्मक और प्रेरणादायक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान राजकीय बालगृह (बालिका), प्रयागराज की संवासिनियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक नृत्य ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

यह विशेष नृत्य प्रस्तुति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कौशाम्बी की पैरालीगल वॉलंटियर (PLV) ममता दिवाकर के मार्गदर्शन और प्रशिक्षण में तैयार की गई थी। इस प्रस्तुति में प्रतापगढ़, फतेहपुर, कौशाम्बी और प्रयागराज की बालिकाओं ने भाग लिया। बालिकाओं ने अपनी कला, अभिव्यक्ति और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से ऐसा वातावरण बनाया कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

कार्यक्रम में उपस्थित दर्शक प्रस्तुति से इतने प्रभावित हुए कि कई लोग संगीत की लय पर झूमते नजर आए। बालिकाओं की मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। नृत्य के माध्यम से उन्होंने न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी साबित किया कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर हर बच्चा अपनी क्षमता का श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकता है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी विशेष रूप से प्रभावित नजर आईं। उन्होंने नृत्य प्रशिक्षिका ममता दिवाकर को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया और बालिकाओं को दिए गए विशेष प्रशिक्षण की खुलकर प्रशंसा की। राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार के प्रयास बालिकाओं के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने संवासिनियों की प्रतिभा और प्रशिक्षिका की समर्पित मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश देते हैं। राज्यपाल की सराहना से बालिकाओं और प्रशिक्षिका दोनों का उत्साह बढ़ा।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह के बीच हुई यह सांस्कृतिक प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बन गई और उपस्थित लोगों के लिए लंबे समय तक यादगार रहने वाला क्षण साबित हुई।