विकसित भारत युवा संसद 2026 का उद्घाटन, ओम बिरला बोले- 2047 का सपना युवाओं को करना होगा साकार

Tue 16-Jun-2026,08:53 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

विकसित भारत युवा संसद 2026 का उद्घाटन, ओम बिरला बोले- 2047 का सपना युवाओं को करना होगा साकार Om Birla News
  • ओम बिरला ने विकसित भारत युवा संसद 2026 का उद्घाटन किया।

  • 2047 तक विकसित भारत बनाने में युवाओं की भूमिका पर जोर।

  • लोकतंत्र, नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार।

Delhi / Delhi :

Delhi / लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संविधान सदन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में आयोजित ‘विकसित भारत युवा संसद 2026’ का उद्घाटन करते हुए देश के युवाओं को लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी आज के युवाओं के कंधों पर है।

देशभर से आए युवा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा कि संविधान सदन केवल एक भवन नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और संविधान की शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से इस ऐतिहासिक स्थान से प्रेरणा लेकर देश के विकास में योगदान देने का संकल्प लेने को कहा।

लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान में 50 लाख से अधिक युवा युवा संसद कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आए युवा एक ही उद्देश्य के लिए यहां एकत्र हुए हैं और वह उद्देश्य है विकसित भारत का निर्माण। उन्होंने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संवाद और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

भारत की लोकतांत्रिक परंपरा पर प्रकाश डालते हुए ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र भारत की संस्कृति और जीवन पद्धति का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र किसी बाहरी विचारधारा से नहीं आया, बल्कि यह प्राचीन सभाओं और समितियों की परंपरा से विकसित हुआ है। यही कारण है कि अनेक विविधताओं के बावजूद भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा और मजबूत लोकतंत्र बनकर उभरा है।

उन्होंने संविधान निर्माताओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारतीय संविधान ने शुरुआत से ही सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान किए। उन्होंने विशेष रूप से सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि देश ने शुरुआत से ही महिलाओं और पुरुषों को समान मतदान अधिकार देकर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया।

ओम बिरला ने युवाओं को नवाचार और परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी के पास देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की ऊर्जा और संकल्प दोनों मौजूद हैं। उन्होंने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया और कहा कि विज्ञान, तकनीक, कृषि, प्रशासन और राजनीति सहित हर क्षेत्र में महिलाएं नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं।

उन्होंने स्थानीय निकायों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व और मजबूत होगा। यह कदम देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी बनाएगा।

अपने संबोधन के अंत में ओम बिरला ने युवाओं से सेवा, संवेदनशीलता और जवाबदेही की भावना के साथ नेतृत्व करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सच्चा नेतृत्व वही है जो लोगों की समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए समर्पित होकर कार्य करे। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा संसद में शामिल यह नई पीढ़ी भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।