G7 Summit 2026: 16 महीने बाद PM मोदी और Donald Trump की मुलाकात

Tue 16-Jun-2026,09:53 PM IST +05:30

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G7 Summit 2026: 16 महीने बाद PM मोदी और Donald Trump की मुलाकात G7 Summit 2026
  • 16 महीने बाद PM मोदी और Donald Trump की मुलाकात।

  • G7 Summit में भारत-अमेरिका संबंधों पर अहम चर्चा की संभावना।

  • पीएम मोदी कई वैश्विक नेताओं के साथ करेंगे द्विपक्षीय वार्ता।

Delhi / Delhi :

Delhi / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात ने एक बार फिर भारत-अमेरिका संबंधों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। करीब 16 महीनों बाद दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात फ्रांस के एवियन शहर में हुई, जहां दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के लिए जुटे हैं।

समिट की कार्यवाही शुरू होने से पहले का यह दृश्य काफी दिलचस्प रहा। जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी बैठक स्थल पर पहुंचे, उनकी नजर राष्ट्रपति ट्रंप पर पड़ी और दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। करीब 50 सेकंड तक चली इस बातचीत के दौरान दोनों नेता मुस्कुराते नजर आए और माहौल बेहद दोस्ताना दिखाई दिया। हालांकि यह एक अनौपचारिक मुलाकात थी, लेकिन इसकी राजनीतिक और कूटनीतिक अहमियत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के दौरान तीन भारतीय नागरिकों की मौत के बाद दोनों देशों के संबंधों में कुछ तनाव देखने को मिला था। भारत ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने भारत की आपत्ति भी दर्ज कराई थी। अमेरिका की ओर से दिए गए बयानों ने भी उस समय विवाद को बढ़ाया था। ऐसे माहौल में मोदी और ट्रंप की यह मुलाकात रिश्तों में सकारात्मक संदेश देने वाली मानी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच औपचारिक द्विपक्षीय बैठक बुधवार शाम को प्रस्तावित है। इस बैठक में व्यापार, रक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, वैश्विक अर्थव्यवस्था और रणनीतिक साझेदारी जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय दौरे पर जी-7 सम्मेलन में भाग लेने फ्रांस पहुंचे हैं। यह लगातार सातवीं बार है जब उन्हें जी-7 मंच पर आमंत्रित किया गया है। भले ही भारत इस समूह का सदस्य नहीं है, लेकिन वैश्विक स्तर पर उसकी बढ़ती भूमिका और प्रभाव को देखते हुए उसे नियमित रूप से इस सम्मेलन में आमंत्रित किया जाता है।

जी-7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई अन्य वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। उनके कार्यक्रम में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय वार्ता शामिल है। इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

भारत इस मंच का उपयोग केवल अपने राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों की चिंताओं को दुनिया के सामने रखने के लिए भी करता रहा है। ऐसे में जी-7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी और वैश्विक नेताओं के साथ उनकी मुलाकातें अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।