सोन नदी में बाढ़ का खतरा, इंद्रपुरी बराज के सभी 69 गेट खुले; 5.10 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा

Wed 02-Sep-2026,09:33 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

सोन नदी में बाढ़ का खतरा, इंद्रपुरी बराज के सभी 69 गेट खुले; 5.10 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा Son River Flood
  • इंद्रपुरी बराज के सभी 69 गेट खुले, 5,10,276 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

  • सोन नदी के किनारे बसे गांवों और शहरों पर बाढ़ का खतरा बढ़ा।

  • रिहंद और बाणसागर जलाशयों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है।

Bihar / Patna :

Patna / सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही अत्यधिक बारिश के कारण इंद्रपुरी बराज में पानी की भारी आवक बनी हुई है। बुधवार को बराज के सभी 69 गेट खुले रहे और यहां से 5,10,276 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। भारी डिस्चार्ज के चलते सोन नदी के किनारे बसे गांवों और शहरों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, फिलहाल सोन नदी के जलस्तर में पिछले दिनों की तुलना में बढ़ोतरी के बजाय गिरावट का रुख दर्ज किया गया है, जिससे प्रशासन को कुछ राहत मिली है।

प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। मंगलवार को जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ इंद्रपुरी बराज का निरीक्षण किया और सोन नदी में पानी के बहाव तथा जलस्तर की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों को नदी के जलस्तर, डिस्चार्ज और तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी की जा रही हैं।

एनिकट का निर्माणाधीन बियर पानी में डूबा
सोन नदी के एनिकट में डेहरी, सासाराम और औरंगाबाद शहरों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए निर्माणाधीन बियर पूरी तरह पानी में डूब गया है। सोन नदी के निचले हिस्से में अधिक पानी छोड़े जाने के कारण निर्माण स्थल पर जलस्तर बढ़ गया। सुरक्षा को देखते हुए निर्माण कंपनी ने अपनी मशीनों को सोन नदी के किनारे एसपी कोठी के पास सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है।

कंपनी के कर्मियों के मुताबिक, सोन नदी का जलस्तर कम होने के बाद ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा। इस पेयजलापूर्ति योजना का शिलान्यास 2 सितंबर 2024 को एनिकट में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। कार्यक्रम में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे।

मां लखपति पार्क और घाटों पर भी असर
सोन नदी में अधिक पानी छोड़े जाने का असर एनिकट स्थित मां लखपति पार्क पर भी दिखाई दे रहा है। नदी का पानी पार्क के भीतर पहुंच गया है। सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से किनारे बने सीढ़ी घाट पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। घाट पर लगी हाईमास्ट लाइट का निचला हिस्सा भी पानी में समा गया है।

सुरक्षा के मद्देनजर घाट से नौका विहार पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पार्क प्रबंधन और प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे जाने और नौका विहार करने से बचने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पानी की आवक बढ़ती रही तो पार्क का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो सकता है।

इंद्रपुरी बराज में डिस्चार्ज 5.10 लाख क्यूसेक
बुधवार सुबह 10 बजे तक इंद्रपुरी सोन बराज के सभी 69 गेट खुले रहे। ऊपरी और निचले हिस्से में पानी का डिस्चार्ज 5,10,276 क्यूसेक दर्ज किया गया। बराज का डिजाइन पॉन्ड लेवल 355 फीट है, जबकि ऊपरी जलस्तर 352.50 फीट और निचला जलस्तर 347.70 फीट दर्ज किया गया। पानी के बहाव का रुख फिलहाल गिरावट की ओर रहा।

वहीं, मोहम्मदगंज स्थित भीम बराज में बाढ़ की स्थिति बनी रही, हालांकि प्रबंधन के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है। बुधवार सुबह 10 बजे यहां पानी का बहाव 1,45,775 क्यूसेक दर्ज किया गया और नदी के बहाव का ट्रेंड स्थिर रहा।

रिहंद और बाणसागर जलाशयों पर भी नजर
रिहंद जलाशय में बुधवार सुबह 8 बजे जलस्तर 872.10 फीट दर्ज किया गया, जबकि पूर्ण जलाशय स्तर 870 फीट है। जलाशय में 106.3271 प्रतिशत भराव दर्ज किया गया। पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए पांच गेट खोले गए हैं और इनसे कुल 55,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है।

बाणसागर जलाशय में भी जलस्तर पूर्ण जलाशय स्तर के बेहद करीब है। बुधवार सुबह जलस्तर 341.57 मीटर दर्ज हुआ, जबकि एफआरएल 341.64 मीटर है। यानी जलस्तर अधिकतम सीमा से सिर्फ सात सेंटीमीटर नीचे है। जलाशय में 98.15 प्रतिशत भराव दर्ज किया गया है।

फिलहाल सोन नदी के बहाव में गिरावट राहत देने वाली स्थिति है, लेकिन ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में दोबारा भारी बारिश या बाणसागर और रिहंद से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने पर खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में सोन नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है।