नागर विमानन में NOC प्रक्रिया होगी आसान, 15 दिनों में सुधार लागू करने के निर्देश

Wed 02-Sep-2026,11:41 PM IST +05:30

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नागर विमानन में NOC प्रक्रिया होगी आसान, 15 दिनों में सुधार लागू करने के निर्देश NOC Process
  • NOC प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और स्वचालित बनाने पर जोर दिया गया।

  • दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद में भवन ऊंचाई की जानकारी पहले देने पर चर्चा हुई।

  • अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर सुधारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

Delhi / Delhi :

Delhi / केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने नागर विमानन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विमानन क्षेत्र में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के उपायों की समीक्षा की। बैठक में अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने की मौजूदा प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, स्वचालित और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार का उद्देश्य आम जनता, समितियों, बिल्डरों और उद्योग जगत के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना है, साथ ही विमानन सुरक्षा से जुड़ी सभी नियामकीय आवश्यकताओं का पालन सुनिश्चित करना है।

बैठक में मंत्री ने कहा कि NOC प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम किया जाना चाहिए। इसके लिए आवेदन, जांच और मंजूरी की प्रक्रिया को अधिक से अधिक डिजिटल और स्वचालित बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे आवेदकों को अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी और प्रस्तावों को समय पर मंजूरी मिल सकेगी।

बैठक के दौरान दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे प्रमुख महानगरों में भवन निर्माण से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने प्रारंभिक चरण में ही आवेदकों को निर्धारित भवन ऊंचाई की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवहार्यता पर विचार किया। इसका उद्देश्य यह है कि भवन मालिक, बिल्डर और अन्य हितधारक परियोजना की शुरुआत से पहले ही लागू ऊंचाई प्रतिबंधों को समझ सकें और उसी के अनुरूप निर्माण की योजना तैयार कर सकें। इससे बाद के चरण में आने वाली परेशानियों और बदलाव की जरूरत को कम किया जा सकेगा।

वैमानिकी अध्ययन से संबंधित प्रक्रिया को भी बैठक में समीक्षा के दायरे में रखा गया। अनुमोदन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के साथ-साथ शुरुआती चरण में स्थल के भौतिक सत्यापन की आवश्यकता कम करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। इसके अलावा भवन विकास योजनाओं और अन्य दस्तावेजों को प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को भी युक्तिसंगत बनाने पर चर्चा हुई।

बैठक में अनापत्ति प्रमाण पत्र आवेदन प्रणाली (NOCAS) के मौजूदा भौगोलिक दायरे की भी समीक्षा की गई। वर्तमान व्यवस्था के तहत NOC, विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) संचालन के लिए 20 किलोमीटर और इंस्ट्रुमेंटल फ्लाइट रूल्स (IFR) संचालन के लिए 56 किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करती है। बैठक में जहां संभव हो, शहरी स्थानीय निकाय (ULB) स्तर पर NOC जारी करने की संभावना पर भी विचार किया गया। इससे लोगों और उद्योगों को प्रत्येक मामले में सीधे AAI से संपर्क करने की आवश्यकता कम हो सकती है और प्रक्रिया अधिक विकेंद्रीकृत हो सकती है।

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि NOC प्रक्रिया को सरल, स्वचालित और विकेंद्रीकृत बनाने के लिए प्रस्तावित उपायों के तौर-तरीकों की जांच की जाए। साथ ही इनके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कार्रवाई 15 दिनों की समय सीमा के भीतर पूरी करने को कहा गया है।

राममोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि सुधारों का व्यापक उद्देश्य प्रस्तावों को शीघ्र और समयबद्ध मंजूरी देना है। इसके लिए संबंधित डेटा और भवन की सही ऊंचाई से जुड़ी जानकारी वेबसाइट सहित सार्वजनिक माध्यमों पर पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। हालांकि, पूरी प्रक्रिया में विमानन सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

एक सरल, पूर्वानुमानित और पारदर्शी NOC व्यवस्था से महत्वपूर्ण अवसंरचना और विकास परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे निवेश और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ रोजगार सृजन और समग्र GDP वृद्धि को भी बढ़ावा मिल सकता है।