पंजाब के मनसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की गोली मारकर हत्या, सियासत गरमाई

Tue 13-Oct-2026,01:15 PM IST +05:30

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पंजाब के मनसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की गोली मारकर हत्या, सियासत गरमाई Parvinder Jhota Killed in Punjab
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Punjab / Amritsar :

Amritsar / सुबह की सुनसान सड़क। एक फार्मेसी के बाहर गोलियों की आवाज़। पंजाब के मनसा में नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने वाला एक एक्टिविस्ट अचानक खामोश हो गया। क्या यह सिर्फ एक विवाद था, या कुछ बड़ा? जानिए पूरी कहानी।

पंजाब के मनसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की आज सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना उस समय हुई जब वे एक फार्मेसी पर गए थे और दुकान के मालिक से उस व्यक्ति के बारे में पूछ रहे थे, जिसने कथित तौर पर उसी सुबह वहां से ड्रग्स खरीदे थे। इस बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। इसी दौरान दुकान में मौजूद व्यक्ति ने झोटा पर गोलियां चला दीं। गोलियां उनके शरीर के आर-पार हो गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। फायरिंग में झोटा का एक साथी भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। वारदात के बाद दुकान का मालिक दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और झोटा के समर्थक घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। इलाके में हड़कंप मच गया। परविंदर झोटा पंजाब में नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री का मुद्दा उठाते थे और लगातार इसके खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनकी हत्या ने राज्य में नशे के कारोबार और कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस मामले को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पंजाब की कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि परविंदर सिंह झोटा ने पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाई थी, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने उनके प्रयासों का समर्थन नहीं किया।

शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर सवाल उठाए। पार्टी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि वे कार्रवाई करने के लिए आखिर किसका इंतजार कर रहे हैं।

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी इस मामले में भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने नशा-विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या का जिक्र करते हुए दावा किया कि वह अपने कैमरे पर ड्रग डीलर्स को दिखा रहा था, तभी चिट्टा बेचने वाले मेडिकल शॉप के मालिक ने उसे गोली मार दी। मजीठिया ने परविंदर झोटा की हत्या को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपने सार्वजनिक कार्यक्रमों में चिट्टे को लेकर सवालों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि मोहनजीत शेरॉन और गुलजार सिंह समेत पंजाब में कई लोग नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। मजीठिया ने दावा किया कि इस साल अब तक पांच पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या की जा चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पंजाब किस दिशा में जा रहा है?

यह घटना पंजाब में नशे के बढ़ते खतरे और कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करती है। एक्टिविस्ट की हत्या ने राज्य में सुरक्षा और नशा मुक्ति अभियान पर सवाल खड़े कर दिए हैं।