भरतपुर: क्रेशर प्लांट विवाद में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत, गांव में तनाव

Mon 12-Oct-2026,11:48 AM IST +05:30

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भरतपुर: क्रेशर प्लांट विवाद में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत, गांव में तनाव Bharatpur News
  • भरतपुर के भौंड़ा गांव में क्रेशर प्लांट विवाद के दौरान हिंसक संघर्ष हुआ।

  • पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

  • पुलिस कथित हमले, फायरिंग के आरोपों और दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है।

Rajasthan / Bharatpur :

Bharatpur / राजस्थान में क्रेशर प्लांट को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अचानक हिंसक संघर्ष में बदल गया। लाठी-पत्थरों से हुए कथित हमले में बीजेपी नेता और पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की जान चली गई। लेकिन इस टकराव की शुरुआत कैसे हुई?

राजस्थान के भरतपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। बयाना के पूर्व विधायक और बीजेपी नेता अतर सिंह भड़ाना की कथित हमले में मौत हो गई है। यह घटना वैर थाना क्षेत्र के भौंड़ा गांव में रविवार शाम हुई, जहां क्रेशर प्लांट को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे अतर सिंह भड़ाना अपने क्रेशर प्लांट पर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि पिछले करीब एक साल से बंद पड़े इस प्लांट को दोबारा शुरू कराने की कोशिश की जा रही थी। इसी दौरान ग्रामीणों और भड़ाना पक्ष के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि 70 से 80 लोगों ने लाठी-पत्थरों से हमला कर दिया। इस संघर्ष में भड़ाना और उनके सहयोगी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए।

दोनों घायलों को पहले वैर उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए रेफर कर दिया गया। अतर सिंह भड़ाना को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल ले जाया गया, जहां रात करीब 11 बजकर 30 मिनट पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, गगन शर्मा को उपचार के लिए भरतपुर भेजा गया।

इस घटना को लेकर पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि क्रेशर की लीज का कनेक्शन काटा गया था और वाटर पंप को भी नुकसान पहुंचाया गया था। उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं की जानकारी प्रशासन को दी गई, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कमलेश ने यह भी आरोप लगाया कि हमले के दौरान उनके पति को गोली लगी थी। हालांकि, वैर अस्पताल के डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में गोली लगने की आशंका से इनकार किया। पुलिस इस आरोप की जांच कर रही है।

दूसरी ओर, ग्रामीणों ने घटना को लेकर अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि वे पिछले 10 से 15 दिनों से क्रेशर प्लांट के मुद्दे पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक, रविवार शाम भड़ाना पक्ष के 40 से 50 लोग वहां पहुंचे और उन्हें धरना स्थल से हटाया। इसके बाद विवाद बढ़ा और दोनों पक्षों के बीच लाठी-पत्थर चले।

पुलिस के अनुसार, क्रेशर प्लांट को लेकर विवाद पहले भी सामने आ चुका है। ग्रामीणों ने चारागाह भूमि पर कथित अतिक्रमण, अवैध खनन और प्लांट तक जाने वाले रास्ते को लेकर आपत्ति जताई थी। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर पिछले दो वर्षों से समय-समय पर धरना-प्रदर्शन भी होते रहे हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। संघर्ष की शुरुआत कैसे हुई, इसमें कौन-कौन शामिल था और फायरिंग के आरोपों में कितनी सच्चाई है, इन सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद गांव में पुलिस तैनात है और आगे की कार्रवाई जांच के तथ्यों के आधार पर की जाएगी।