नेपाल बाढ़: 626 मौतें, 2500+ लापता; 2465 लोगों का रेस्क्यू जारी
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Nepal Flood Deaths
नेपाल के आठ जिलों में अब तक 626 शव बरामद किए गए हैं।
163 विदेशी नागरिकों समेत हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
जलस्तर बढ़ने से प्रभावित इलाकों में फिर बाढ़ की आशंका बनी हुई है।
Kathmandu / नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद तबाही का मंजर लगातार गंभीर बना हुआ है। शनिवार को कई और शव बरामद होने के बाद इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है। वहीं, करीब 2500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। आपदा के चौथे दिन भी नेपाल में बड़े पैमाने पर खोज, बचाव और राहत अभियान जारी है। सुरक्षाबलों ने अब तक 163 विदेशी नागरिकों समेत 2465 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
आठ जिलों में 626 शव बरामद
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, नेपाल के आठ जिलों से अब तक शव बरामद किए गए हैं। इनमें चितवन में 233, नवलपरासी पूर्व में 158, नुवाकोट में 51, गोरखा में 48, नवलपरासी पश्चिम में 47, धादिंग में 45, तनहूं में 31 और रसुवा में 13 शव शामिल हैं।
बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के कई इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ और भूस्खलन से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। कई बस्तियों के साथ सड़क, पुल और जलविद्युत परियोजनाओं के बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।
163 विदेशी नागरिकों समेत 2465 लोगों का रेस्क्यू
नेपाल में जारी राहत एवं बचाव अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने अब तक 2465 लोगों को सुरक्षित निकाला है। इनमें 163 विदेशी नागरिक शामिल हैं। नेपाल सेना के अनुसार, रेस्क्यू किए गए विदेशियों में 113 भारतीय, 26 चीनी, 15 दक्षिण कोरियाई, चार जर्मन, इटली और अमेरिका के दो-दो तथा ओमान का एक नागरिक शामिल है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान के लिए नेपाल सेना के 5,000 से अधिक जवानों समेत 11,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। सेना और सुरक्षा एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रही हैं।
जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों से 191 मजदूर निकाले
नेपाल सेना के मुताबिक, त्रिशूली और रसुवा क्षेत्र की अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों से 191 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। अब तक निकाले गए लोगों में 2265 लोगों को हेलीकॉप्टर और 200 लोगों को सड़क मार्ग से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।
बाढ़ प्रभावित लोगों को धुंचे और त्रिशूली में बनाए गए आपातकालीन स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार दिया जा रहा है। अब तक 1706 लोगों का इलाज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मुगलिंग-काठमांडू राजमार्ग फिर खुला
बाढ़ और भूस्खलन के कारण बुधवार से बंद मुगलिंग-काठमांडू राजमार्ग शनिवार को दोबारा खोल दिया गया। नेपाल पुलिस के अनुसार, स्थिति का आकलन करने के बाद वाहनों को धीरे-धीरे आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है। राजमार्ग खुलने से कई दिनों से रास्ते में फंसे यात्रियों को राहत मिली है।
हालांकि, मध्य नेपाल में कई अन्य सड़कों पर अभी भी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर रख रहा है।
एक और बाढ़ का खतरा बरकरार
एनडीआरआरएमए ने चेतावनी दी है कि प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने के कारण एक और बाढ़ का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बचाव दलों के सामने चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। भोटेकोशी नदी और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।
आपदा राहत कोष में बढ़ी सहायता
इस भीषण आपदा के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में भी बड़ी मात्रा में सहायता पहुंच रही है। शुक्रवार रात तक कोष में 2.295 अरब नेपाली रुपये से अधिक जमा होने की जानकारी दी गई थी। वहीं, नए योगदान के बाद राहत कोष की कुल राशि बढ़कर 4.09 अरब नेपाली रुपये हो गई है।
सरकार ने राहत कोष में योगदान जुटाने और सहायता के समन्वय के लिए वित्त मंत्रालय को नोडल मंत्रालय बनाया है। एक करोड़ रुपये या उससे अधिक की सहायता देने वाले संस्थागत दाताओं से योगदान व्यक्तिगत रूप से स्वीकार किया जा रहा है।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। 626 मौतों और हजारों लोगों के लापता होने के बीच सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित इलाकों तक पहुंचना, सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश करना और संभावित नई बाढ़ से लोगों को सुरक्षित निकालना है। प्रशासन और सुरक्षाबल दिन-रात अभियान में जुटे हुए हैं।